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हाईप्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म मामले की दोबारा से जांच शुरू, कैथल पुलिस महिला को लेकर पहुंची प्रताप स्कूल

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हाईप्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म मामले में शनिवार को कैथल पुलिस शिकायतकर्ता महिला और उसके पति को लेकर करनाल के प्रताप पब्लिक स्कूल में पहुंची, जहां करीब डेढ़ घंटे तक जांच पड़ताल के बाद शाम को पुलिस दोनों को लेकर कैथल रवाना हो गई। इसी दौरान महिला और उसके पति की जांच रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव पायी गयी, यानी संक्रमित दंपती को लेकर पुलिस दिनभर घूमती रही। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि उन्हें महिला और उसके पति ने कोरोना पाजिटिव होने की जानकारी नहीं दी थी, जबकि महिला और उसके वकील भूपेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि पुलिस को पहले ही तबीयत खराब होने और कोरोना जांच कराने की जानकारी दी गयी थी, लेकिन जांच में सहयोग की बात कहकर पुलिस उन्हें करनाल ले आयी। इस दौरान दोपहर में स्वास्थ्य विभाग कुरुक्षेत्र की ओर से कोरोना पाजिटिव होने की जानकारी दी गयी।
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बता दें कि हाल ही में आईजी के आदेश पर कैथल पुलिस सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच कर रही है। शनिवार शाम को कैथल की पुलिस महिला और उसके पति को लेकर जरनैली कालोनी स्थित प्रताप पब्लिक स्कूल में पहुंची। करीब छह बजे पहुंची टीम साढ़े सात बजे तक अंदर रही। बाद में दोनों को लेकर कैथल के लिए रवाना हो गए। सूत्रों का दावा है कि एसआईटी के सदस्य महिला और उसके पति को लेकर यहां पहुंचे थे। हालांकि, इस दौरान शिकायतकर्ता महिला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह और उसके पति दोनों कोरोना पाजिटिव हैं। बड़ा सवाल ये है कि अगर दोनों पाजिटिव हैं तो कैथल पुलिस ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर दी? हालांकि, दोनों की कोरोना पाजिटिव होने की प्रशासन की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। वहीं महिला के वकील भूपेंद्र सिंह राठौर का आरोप है कि इस प्रकरण में आरोपियों से पूछताछ और कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि पीड़ित महिला और उसके पति को जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा है।
नहीं मिले अजय भाटिया
करीब डेढ़ घंटे तक चली जांच में दावा किया जा रहा है कि स्कूल के मालिक और दुष्कर्म के आरोपी अजय भाटिया स्कूल और घर पर नहीं मिले। सूत्रों का दावा है कि परिजनों ने बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है इसलिए उन्हें बाहर किसी अस्पताल में दाखिल कराया हुआ है। इस दौरान टीम ने भाटिया परिवार के सदस्यों से पूछताछ की है। पूछताछ में क्या सामने आया, अभी पुलिस ये बताने से कतरा रही है।
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ये है मामला
छह जुलाई को प्रताप पब्लिक स्कूल की पूर्व टीचर ने स्कूल मालिक अजय भाटिया और तहसीलदार राजबख्श के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। जबकि अजय भाटिया की ओर से पहले से ही महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज कराया गया था। मामले में करनाल के एसपी ने दो अलग-अलग एसआईटी बनाई थी। करीब दो माह तक एसआईटी की ओर से कोई जांच रिपोर्ट तैयार नहीं की गई। करनाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद एसपी ने आईजी को पत्र लिखकर जांच कहीं और दूसरे जिले में कराने की अपील की थी। आईजी ने मामले की जांच कैथल के एसपी शशांक सावन को सौंपी थी। कैथल एसपी ने इस मामले में डीएसपी दलीप सिंह, महिला थाना प्रभारी नन्ही देवी और दो अन्य पुलिस कर्मचारियों को शामिल किया था। आईजी ने एसआईटी को एक माह में जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिये हुए हैं।
हमसे कोविड-19 पाजिटिव होने की बात छुपाई : डीएसपी
एसआईटी के हेड डीएसपी दलीप सिंह ने बताया कि महिला ब्लैकमेलिंग के मामले में जमानत पर है। अदालत के आदेश पर महिला को आज कैथल पुलिस की जांच में शामिल किया गया है। अगर महिला और उसके पति कोरोना पाजिटिव हैं तो उन्हें बाहर नहीं आना चाहिए था और उन्हें क्वारंटीन रहना चाहिए था, यह भी अपने आप में अपराध है। ऐसा करके दोनों ने कोरोना का संक्रमण फैलने की आशंका को बढ़ा दिया है। हालांकि, उनके पास ऐसी कोई अधिकारिक रिपोर्ट नहीं है कि वे पाजिटिव हैं, इस बारे में पता कराया जाएगा। उधर, कैथल के एसपी शशांक सावन ने कहा कि वे आज जींद में थे, इसलिए उनकी जानकारी में ये मामला नहीं है।
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