पतंग काटने की कोशिश में पश्चिमी यमुना नहर में गिरने पर 10 वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत हो गई। उसका शव 24 घंटे बाद घोघड़ीपुर गांव के पास से मिला। कूड़ा उठाने वाली महिला यदि बच्चे को डूबते हुए न देखती तो परिजनों को बच्चे के लापता होने का भी पता नहीं चल पाता। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
शास्त्री नगर निवासी निरंजन पांडे ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उसका 10 वर्षीय पुत्र गोस्वामी पतंग उड़ा रहा था। वह पतंग काटने की कोशिश में पश्चिम यमुना नहर में गिर गया। उसको कूड़ा उठाने वाली महिला ने डूबते हुए देखा। इस दौरान बच्चे ने बचाव के लिए काफी देर तक हाथ-पांव मारे। महिला ने इसकी जानकारी परिजनों को दी तो उन्होंने नहर में बच्चेे को खोजना शुरू कर दिया। आज करीब 11 बजे घोघड़ीपुर गांव के पास उसका शव मिला। परिजन उसे निकालकर अस्पताल लाए। जहां डॉक्टरों ने उसके बेटे को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा तीसरी कक्षा का विद्यार्थी है। उन्होंने उसका दाखिला बॉन पब्लिक स्कूल अम्मा बिगा मोड़ बड़बीगा बिहार में करवाया हुआ है। वह वहीं पर रहता था। लॉकडाउन के बाद जब वे उससे मिलने गए तो वहां पर कक्षाएं न लगने के कारण वे उसे अपने साथ ले आया।
22 साल पहले आए थे करनाल
बिहार से करीब 22 साल पहले करनाल आए थे। यहां पर पूूजा पाठ का काम करता था। साथ में बीमा करने का काम किया जाता है। उसके पास तीन बच्चे हैं। एक लड़की और दो लड़के, गोस्वामी छोटे वाला लड़का था। बड़े दोनों बच्चे उनके पास ही करनाल में रहते हैं। बिहार के पटना जिले के एक गांव से वे करनाल के शास्त्री नगर में रह रहे हैं।
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राम नगर थाना पुलिस इंचार्ज जसविंद्र तुली ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। बच्चे की नहर में डूबने से मौत हुई है।