करनाल। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) करनाल की टीम ने सोमवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जिसमें करीब 46 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही जिले की 11 अवैध कॉलोनियों पर एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय सहित छह मकान व दुकानें और 107 भवनों की डीपीसी सहित दर्जनों कच्ची-पक्की सड़कों को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से खलबली मची रही।
जिले में नगर निगम करनाल के साथ साथ इंद्री, नोलीखेड़ी के साथ-साथ असंध शहरी क्षेत्र में चुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू है। ऐसे में डीटीपी की कार्रवाई तेज हो गई है। डीटीपी सतीश कुमार की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ असंध क्षेत्र में पहुंची यहां रत्तक रोड पर 11 एकड़ जमीन पर एक अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां प्रॉपर्टी डीलर ने अपना कार्यालय भी बना लिया था और प्लाटिंग के बाद मकान भी बनने शुरू हो गए थे।
टीम ने जेसीबी के माध्यम से प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय, दो निर्माणाधीन मकान, एक निर्माणाधीन दुकान को ध्वस्त किया। इसके साथ ही यहां बन रहे 15 भवनों की डीपीसी, सीवर लाइनें, सड़कों आदि को तोड़ दिया। दूसरी अवैध कॉलोनी असंध के ढोल चौक पर 12 एकड़ में विकसित की जा रही थी। यहां सभी सड़कों और सीवरेज नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। तीसरी कॉलोनी असंध के ट्रैक्टर मार्केट के निकट तीन एकड़ भूमि पर बनाई जा रही थी। यहां टीम ने सड़कों को तोड़ दिया। चौथी अवैध कॉलोनी असंध में ही जींद रोड पर दो एकड़ में बनाई जा रही थी। यहां टीम ने 30 डीपीसी व सभी सड़कों को ध्वस्त किया।
पांचवीं अवैध कॉलोनी भी दो एकड़ में जींद रोड पर ही थी, यहां भी 30 मकानों की डीपीसी व सड़कों को तोड़ा गया है। इसके अलावा छठी अवैध कॉलोनी, जो असंध के खाटूश्याम मंदिर के पीछे छह एकड़ में विकसित की जा रही थी, पर कार्रवाई की गई, यहां भी 30 डीपीसी, सड़कों को ध्वस्त किया गया।
इस अवैध कॉलोनी पर पांचवीं पर जेसीबी चली है। इसके बावजूद कॉलोनाइजर बार-बार निर्माण शुरू कर देता है। सातवीं अवैध कॉलोनी मलिकपुर रोड पर नौ एकड़ में पनप रही थी, यहां एक निर्माणाधीन दुकान, डीपीसी व सड़कों को तोड़ दिया गया। इसके अलावा असंध में बाईपास रोड पर एकड़ में बन रही अवैध कॉलोनी भी मिली, यहां एक निर्माणाधीन दुकान, दो डीपीसी व सड़कों को ध्वस्त किया गया है।
डीटीपी सतीश कुमार ने मौके पर मौजूद लोगों से अपील की कि वह अवैध कॉलोनियों में प्लाॅट या मकान न खरीदें। संबंधित कॉलोनाइजरों को भी चेतावनी दी गई कि वह जिन लोगों को जमीन के टुकड़े बेचे हैं, उन्हें उनका धन वापस कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।