माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आंगनबाड़ी कर्मी अपनी मांगों को लेकर 12 जनवरी को जेल भरो आंदोलन करेंगी। करीब 34 दिनों से उनकी हड़ताल चल रही है। मंगलवार को भी फव्वारा पार्क में धरना दिया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इधर, सर्व कर्मचारी संघ ने भी उनकी हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है। उनकी मांगों का ज्ञापन संघ ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन का दावा है कि जेल भरो आंदोलन में शामिल जिले की सभी तीन हजार वर्कर्स गिरफ्तारियां देंगी और सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ गुस्सा जाहिर करेंगी। पदाधिकारी रूपा राणा, मधु शर्मा व बिजनेश राणा ने कहा कि वर्कर सुबह फव्वारा पार्क में एकत्रित होने शुरू हो जाएंगे। दोपहर को जिला सचिवालय के सामने गिरफ्तारियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया अड़ियल है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आठ दिसंबर से हड़ताल जारी है। जिन मांगों पर सरकार सहमति जता चुकी है, उससे वर्कर व हेल्पर खुश नहीं हैं।
सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, सचिव जगपाल राणा, उपप्रधान ओपी माटा व राकेश राणा ने कहा कि 2018 में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि आंगनबाड़ी वर्कर्स को कुशल मजदूर का एवं हेल्पर को अकुशल मजदूर का दर्जा देंगे। 2018 में ही प्रधानमंत्री मोदी ने आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को दिवाली का तोहफा देते हुए वर्कर को 1500 रुपये एवं हेल्पर को 750 रुपये वेतन बढ़ाकर देने की घोषणा की थी। तीन दिवाली बीत जाने के बावजूद हरियाणा में अभी तक यह घोषणा लागू नहीं हुई है। जब तक सभी मांगें स्वीकार नहीं की जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मलकीत सिंह व सह सचिव सुशील गुर्जर ने कहा कि संघ आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन के साथ है। ब्यूरो