जैन स्थानक में प्रवचन करते उपेंद्र मुनि। संवाद
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समालखा। नई अनाज मंडी जैन स्थानक में रविवार को उपेंद्र मुनि ने प्रवचन में मोक्ष प्राप्त करने के लिए सत्य की राह पर चलना अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि मोक्ष प्राप्त करने के लिए कहीं दूर जाने या किसी विशेष समय का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि मोक्ष को इसी जीवन में इसी पल प्राप्त किया जा सकता है। यदि सही आत्मज्ञान और संसार से मुक्ति मिल जाए। मोक्ष बंधन से मुक्ति है। जहां आत्मा अपने शुद्ध स्वरूप को पहचान कर जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाती है।
मोक्ष का सीधा अर्थ है संसार के बंधनों से पूर्ण मुक्ति। यह अवस्था तब प्राप्त होती है। जब व्यक्ति को अपने शुद्ध आत्मा के स्वरूप का बोध हो जाता है और वह स्वयं को शरीर या नाम से भिन्न केवल एक परम शुद्ध आत्मा के रूप में पहचानता है। सभी प्रकार के सुख-दुख और मोह से छूट जाना मोक्ष है। संवाद