बयान दर्ज करवाने पहुंचे किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों पर करनाल के बसताड़ा टोल पर हुए लाठीचार्ज मामले में जांच शुरू हो गई है। सोमवार को आयोग के चेयरमैन एसएन अग्रवाल ने करनाल के पीडब्ल्यूडी रेस्टहाउस में पहुंचकर 6 किसानों के बयान दर्ज किए। हालांकि आयोग की ओर से 7 किसानों को बुलाया गया था लेकिन किसी कारणवंश 6 ही किसान अपने बयान दर्ज कराने पहुंचे। हर किसान से 20 से 30 मिनट तक चेयरमैन अग्रवाल ने बात की और उनके पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछा। ये सभी किसान गांव मूनक के रहने वाले थे।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से रिटायर्ड जज एसएन अग्रवाल ने बताया कि इस मामले की जांच करीब 4 महीने तक चलेगी। पहले उन्हें एक महीने का समय मिला था लेकिन जिस तरह किसानों व प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज करने हैं ऐसे में लंबा समय लगेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह बुधवार, वीरवार और शुक्रवार इन तीन दिनों तक करनाल रहेंगे और किसानों के बयान दर्ज करेंगे।
फिलहाल करीब 35 किसान है जिनके बयान दर्ज करने है। इसके बाद इन किसानों के बयान दर्ज करने के अलावा और किसानों के नाम आएंगे तो उन्हें भी बयान के लिए बुलाया जाएगा। इसके साथ ही पत्रकारों को भी बुलाया जाएगा और ब्यान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 2 नवंबर को किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को बुलाया गया है। उनके भी बयान दर्ज किए जाऐंगे। इसके बाद करनाल डीसी निशांत कुमार, एसपी गांगाराम पूनिया, एसडीएम आयुष सिन्हा सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
बता दें काछवा रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से रिटायर्ड जज एसएन अग्रवाल सुबह करीब 9 बजे पहुंच गए थे। इस दौरान उनके द्वारा बयान दर्ज कराने के लिए गांव मूनक से हरविंद्र सिंह, अपार सिंह, दलेर सिंह, देवेंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह रधुबीर सिंह व सहराज सिंह को बुलाया गया था। सहराज किसी कारण से पहुंच नहीं पाया।
यह भी पढ़ें : नारनौल: बिमला मर्डर केस में गैंगस्टर विक्रम पपला दोषी करार, कोर्ट कल सुनाएगी सजा, 23 गोलियां मारकर की थी हत्या
किसानों ने बताया कि रिटायर्ड जज ने उन्हें 28 अगस्त को बसताड़ा टोल पर हुए लाठी चार्ज के बारे में पूछा तो उन्होंने पूरा घटनाक्रम उन्हें बताया जो उनके सामने हुआ था। एसडीएम आयुष सिन्हा के बारे में भी उन्होंने बताया और साथ ही इंस्पेक्टर हरजिंद्र सिंह की भी पूरी भूमिका बताई कि उनकी आंखों के सामने इन्होंने क्या क्या किया। एसडीएम सोशल मीडिया पर वायरल बयान को लेकर उन्होंने कहा कि वह उस जगह पर नहीं थे। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ही एसडीएम के सिर फोड़ने की बयान सुने थे लेकिन बसताड़ा टोल पर एसडीएम आयुष सिन्हा मौजूद थे। अब बुधवार को अन्य 6 किसानों के बयान दर्ज किए जाएंगे।