करनाल। नशीले पदार्थों का सेवन करने से दांत खराब हो रहे हैं, जिससे मुंह के कैंसर का भी खतरा बढ़ रहा है। वहीं, रात को भोजन करने के बाद अधिकांश लोग ब्रश करके नहीं सोते। ऐसे में कैविटी होने से दांत खराब होने की समस्याएं सामने आ रही हैं। सिविल अस्पताल में रोजाना 80 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर के दांत खराब मिल रहे हैं।
सिविल अस्पताल के वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. बिंदू शर्मा ने बताया कि ओरल हेल्थ को लेकर सजग रहना आवश्यक है। ओरल हेल्थ से पूरे शरीर का स्वास्थ्य जुड़ा है। अगर हम दांतों और मसूड़ों की सफाई अच्छी तरह से नहीं करते हैं तो इससे कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। अक्सर रात का खाना खाने के बाद कुछ लोग ब्रश नहीं करते हैं। इस वजह से दांतों के बीच खाना फंस जाता है। दांतों के बीच लंबे समय तक खाना फंसे रहने से बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। लोगों को दांतों की देखभाल के लिए जागरूक करने को ''अपने मुंह पर गर्व करो'' थीम पर सोमवार को ''विश्व ओरल हेल्थ डे-2023'' मनाया जाएगा। दंत रोग विशेषज्ञ ओपीडी में आने वाले मरीजों को दांत स्वस्थ तो तन स्वस्थ का मंत्र देंगे। संवाद
भोजन के 20 बीस मिनट बाद बैक्टीरिया छोड़ने लगते हैं एसिड
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. स्मिता ने बताया कि खाने के 20 मिनट बाद बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं और एसिड छोड़ना शुरू करते हैं। इससे बचने के लिए खाने के बाद पानी से कुरला करना चाहिए। वहीं, रात को सोने से पहले ब्रश जरूर करना चाहिए। जिससे लंबे समय तक दांत स्वस्थ रह सकें।
कम चीनी वाले आहार को दें प्राथमिकता
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल व डॉ. रिशू ने बताया कि दांतों की सड़न से बचाने के लिए कम चीनी वाले आहार को प्राथमिकता दें। लोगों को धूम्रपान, गुटका खाने, तंबाकू चबाने व शराब पीने से परहेज करना चाहिए। इससे लोगों के दांत जल्दी खराब होते हैं। वहीं, मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। दांतों के कारण सिर व गले में दर्द हो सकता है। हर छह माह में दांतों का चेकअप कराना चाहिए।
लोगों को किया जाएगा सचेत
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलिका कंबोज ने बताया कि विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 20 मार्च को मौखिक स्वच्छता को बढ़ावा देकर मौखिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। जिससे मुंह के कैंसर से लोगों काे सचेत किया जा सकें।