संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिन हाथों में किताबेें होनी चाहिए उन हाथों से शराब परोसी जा रही थी। रामनगर स्थित एक दुकान में दो बच्चों से शराब सर्व करवाई जा रही थी। शिकायत मिलने पर बाल संरक्षण समिति की टीम ने छापा मार कर उन्हें छुड़वाया और माता-पिता को सौंप दिया। चाइल्ड हेल्प लाइन की समन्वयक कविता ने बताया कि रामनगर में एक दुकान पर दो नाबालिग बच्चों के काम करने की सूचना मिली थी। इसके बाद बाल संरक्षण समिति की टीम को सूचित कर वहां पर छापा मारा गया। जहां दो बच्चों को शराब परोसते पाया गया। उन्हें मौके से मुक्त करवा परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। वहीं, अहाता मालिक पर कार्रवाई के लिए सीडब्ल्यूसी, डीसीपीओ, श्रम विभाग को लिखा गया है।
केस-1
काम करेगा तो पैसे आएंगे
स्कूल बंद हैं, घर पर क्या करेगा। काम करेगा तो पैसे आएंगे। यह कहना था शिव कॉलोनी में रह रहे करीब 15 वर्षीय बच्चे के माता-पिता का। उन्होंने बताया कि उनका बेटा आठवीं में पढ़ता है। घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं है और स्कूल भी बंद थे इसलिए वह काम में हाथ बंटा रहा था।
केस-2
आर्थिक स्थिति खराब
बिहार के समस्तीपुर जिले के 13 वर्षीय बच्चे के पिता ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति खराब है। पांच बच्चे हैं। महंगाई इतनी है कि पालन-पोषण कर पाना मुश्किल है। कई बार तो खाने की भी दिक्कत हो जाती है। अब काम नहीं करेंगे तो भूखे मर जाएंगे।
सूचना के आधार पर दो बच्चों को काम करते हुए छुड़वाया गया। जिन्हें अभिवावकों को सौंप कर अगले दिन कांउसलिंग के लिए बुलाया गया था। पर बच्चे नहीं आए। बच्चों की कांउसलिंग करवा अहाता संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उमेश चानना, चेयरमैन बाल संरक्षण समिति