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युवा हाथों में दिखी इनेलो रैली की कमान

Sun, 25 Sep 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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इनेलो रैली में मौजूद कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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सीएम सिटी में इंडियन नेशनल लोकदल ने ताऊ देवी लाल के 103वें जन्मदिवस पर आयोजित सद्भावना व सम्मान रैली के बहाने अपना शक्ति प्रदर्शन किया। पहली बार इनेलो की कमान युवा हाथों में दिखी। रैली की हर छोटी से लेकर बड़ी व्यवस्था युवाओं ने की। मंच संचालक दिग्विजय चौटाला ने किया तो इनसो के करीब तीन हजार युवाओं ने ट्रैफिक की व्यवस्था संभाली। इसके साथ ही रैली को हर तरह व्यवस्थित किया गया, पानी के लिए अलग अलग वोलंटियर की ड्यूटी और मंच से लेकर मुख्य गेटों पर युवा तैनात रहे। रैली की खास बात यह रही कि सभी अनुशासन में रहे और न तो हुल्लड़ बाजी हुई और न किसी तरह का ड्रामा।
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करनाल में रैली करके इनेलो ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। इनेलो नेताओं के अनुसार विपक्षियों द्वारा किए जा रहे इनेलो के वजूद समाप्ति के दावों का करारा जवाब है, दूसरा विपक्षियों को भी अपनी ताकत का अहसास कराया है। इसके अलावा, ताऊ के साथ बाबा साहेब को लेकर चलने को लेकर एक तरह से प्रदेश में भाईचारे व प्रेमभाव को बढ़ाने का संदेश दिया है। इनेलो नेताओं का कहना है कि हजारों संख्या में पंडाल में और पंडाल के बाहर जाम कार्यकर्ताओं ने दूसरे दलों को इस बात का अहसास करा दिया कि है उनके दल को तोड़ना इतना आसान नहीं है?

सुबह से ही प्रदेश भर से लोग रैली में पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर तक रैली का मैदान लोगों की भीड़ से खचाखच भर गया। भारी भीड़ से गदगद विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि लोगों के हौसले को देखते हुए इनेलो की यह रैली एतिहासिक रैली बताया। उन्होंने दावा किया कि ऐसा कोई भी गांव नहीं है, जहां से लोग रैली में ना आए हो। जयंती के बहाने इनेलो ने जीटी बेल्ट को भी अपनी ताकत दिखाकर अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कई बार नारे यह कहकर लगवाए कि यहां पर सीएम के घर तक तो आवाज जानी ही चाहिए। रैली के बहाने से इनेलो कार्यकर्ताओं में नए जोश का भी संचार हुआ, साथ ही वे मिशन 2019 को लेकर यहां निकले। अभय चौटाला ने कहा कि हर घर जाना है और इनेलो को मजबूत बनाकर 2019 में सत्ता ओमप्रकाश चौटाला को सौंपनी है।
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इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला के बिना रैली में भीड़ तो खूब रही, लेकिन उनमें उत्साह कम दिखा। दरअसल, इनेलो कार्यकर्ता काफी समय से चौटाला को सुनना चाह रहे थे, लेकिन मंच से बताया कि गया कि बीमारी व कानूनी दांव पेंच के चलते वे नहीं आ सकते। इस पर कार्यकर्ताओं को मायूसी तो हाथ लगी, लेकिन वे रैली की समाप्ति तक नेताओं को सुनते रहे। कार्यकर्ता का कहना था कि अगर चौटाला साहब तो बात ही कुछ और होती। दरअसल ज्यादातर कार्यकर्ता ओमप्रकाश चौटाला को ही सुनने पहुंचे थे, लोगों को उम्मीद थी कि किसी न किसी माध्यम से चौटाला की आवाज सुनेगी, लेकिन चौटाला की चिट्ठी पढ़ी गई।

चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा ने मिलकर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश के भाईचारे को तोड़ने का षड्यंत्र रचा। इसके चलते 31 बेकसूर युवकों को मौत के घाट उतार दिया गया और प्रदेश में करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। इनेलो नेता ने कांग्रेस पर भी सत्ता से जाते-जाते आधे अधूरे दस्तावेजों पर पांच जातियों के वोट हासिल करने के लिए आरक्षण दे दिया जो कि सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीयत में खोट था और प्रदेश के भाईचारे को तोड़ने के लिए साजिश रची गई।

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर को आग के हवाले किया गया और अगर साजिश न होती तो पहली बार आगजनी के बाद पुलिस बंदोबस्त करती लेकिन वहां तीन बार आग लगाई गई। मौके पर राष्ट्रीय महासचिव बृज शर्मा, जिला अध्यक्ष यशवीर राणा, पूर्व विधायक नरेंद्र सांगवान, हरपाल रोड़, कंवरजीत सिंह प्रिंस, मनोज वधवा, इंद्रजीत गोराया, गुरदेव रंबा, रघबीर कुटेल, धर्मवीर पाढा, ओमप्रकाश सलूजा, राजबीर स्टौंडी, हरदीप सिंह एडवोकेट, रामपाल माजरा,  राम कुमार ऐबला, जयप्रकाश कांबोज, ज्ञान सिंह चावला, प्रेम सिंह शाहपुर, रमेश सिद्धपुर, विनोद रायपुर, संतोष यादव, बबलू जाणी, गुलजार सिंह मान, फूल सिंह मंजूरा, यशकरण राणा, अमनदीप चावला, धर्मवीर मोहड़ी, इंद्रजीत जलमाना, प्रदीप कांबोज, जयपाल पूनिया आदि मौजूद थे।
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