यूरोपियन देशों के टूरिस्ट कम होने पर भारत, चीन और रूस के पर्यटकों ने मॉरीशस की टूरिज्म इंडस्ट्री को आर्थिक तंगी से उबारा है।
इन देशों के पर्यटकों ने न केवल देश की टूरिज्म को बचाया, बल्कि हमारी दिक्कतों को भी कम किया। ऐसा कहना है मॉरीशस के उप-प्रधानमंत्री अनिल कु मार बेचू का। वह सामाजिक संस्था निफा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नू के आवास पर पत्रकारों से मुखातिब थे।
उप-प्रधानमंत्री बेचू ने कहा यूरोप के देशों पर आर्थिक तंगी के कारण मॉरीशस में टूरिज्म विभाग का कारोबार लड़खड़ाने लगा था, लेकिन भारत और चीन के साथ रशिया के पर्यटकों ने इसे पूरी तरह बचा लिया। उन्होंने कहा कि अब एक नया कॉन्सेप्ट चला है।
इसके तहत भारत से अमीर लोग मॉरीशस में विवाह रचाते है और इससे हमारे देश को आर्थिक फायदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि भारत से बडे़ पैमाने पर भारतीय यहां शादी करने के लिए पहुंचते हैं, जिससे टूरिज्म इंडस्ट्री को फायदा हो रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत और मॉरीशस के बीच टूरिस्टों के लिए नियम और सहज बनाने, उन्हें बेहतर सुविधा देने के लिए दोनों देशों की सरकार अपने स्तर पर सकारात्मक प्रयास कर रही हैं। काफी काम हो चुका है। ऐसे प्रयास को लागू करने मेें अभी थोड़ा समय लगेगा।
उन्होंने कहा भारत और मॉरीशस के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का रिश्ता है। दोनों देशों के बीच व्यापार भी अच्छा है। इस अवसर पर उनके साथ उनकी पत्नी शन्नो बेचू भी मौजूद रहीं।