- सवा चार साल में पांच हजार महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा में मिला संक्रमण
अनुज शर्मा
करनाल। जीवन शैली में बदलाव के कारण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में वर्ष 2021 से 22 अप्रैल 2024 तक 6816 महिलाओं ने सर्वाइकल कैंसर की जांच कराई। इनमें से वाया टेस्ट के दौरान लगभग पांच हजार महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा में संक्रमण मिला है।
वहीं, 325 पॉजिटिव मिलीं महिलाओं का नागरिक अस्पताल की लैब से पैप स्मीयर टेस्ट कराया गया। इनमें से अधिकतर की रिपोर्ट सामान्य आई है लेकिन इन सभी महिलाओं के गर्भाशय की ग्रीवा में संक्रमण मिला है। जिन्हें डॉक्टरों ने अधिक पानी पीने व सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नागरिक अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रुति शर्मा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर एक प्रकार का कैंसर है, जो गर्भाशय के निचले सिरे से शुरू होता है और ऊपरी योनि से संपर्क करता है, जिसे गर्भाशय ग्रीवा कहा जाता है। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर का सबसे आम कारण पेपिलोमावायरस (एचपीवी) में से एक के साथ लंबे समय से संक्रमण है।
एचपीवी संक्रमण आम है और सभी एचपीवी संक्रमण से कैंसर नहीं होता है। उन्होंने बताया कि एचपीवी कई प्रकार के होते हैं, केवल कुछ ही प्रकार के कैंसर से जुड़े होते हैं। अन्य एचपीवी प्रकार आमतौर पर जननांगों या त्वचा पर मस्से का कारण बनते हैं। एचपीवी के खिलाफ स्क्रीनिंग और टीकों तक पहुंच की कमी के कारण अधिकांश महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर से मौत हो जाती है। - संवाद
ये लक्षण दिखाई दें तो कराएं जांच
नर्सिंग अधिकारी कोमल दीप कौर व रितु ने बताया कि शुरुआत में सर्वाइकल कैंसर कोई संकेत या लक्षण उत्पन्न नहीं कर सकता है। लक्षण तब विकसित हो सकते हैं जब कैंसर कोशिकाएं आसपास के ऊतकों पर हमला करना शुरू कर दें। कुछ संकेतों और लक्षणों में असामान्य योनि से रक्त बहना, सामान्य से अधिक या अधिक मासिक धर्म, शारीरिक संबंध बनाने के बाद योनि से रक्त का बहना, दर्द व अन्य असामान्य योनि से वाइट डिस्चार्ज आदि शामिल हैं।
लैब में करवाएं जा रहे निशुल्क टेस्ट
लैब इंचार्ज डॉ. श्वेता ने बताया कि आजकल सर्वाइकल कैंसर या योनि में संक्रमण अधिक बढ़ रहा है। जिसके चलते अस्पताल की लैब में सर्वाइकल कैंसर की जांच करने वाला पैप स्मीयर टेस्ट निशुल्क कराया जा रहा है। इसी टेस्ट के बाहर लैब से 800 से 1500 रुपये तक चार्ज किए जाते हैं, लेकिन यह सुविधा अस्पताल की लैब में निशुल्क उपलब्ध है।
तीन सालों में महिलाओं की हुई जांच
वर्ष वाया पैप स्मीयर
2021 1465 04
2022 1880 59
2023 2669 197
2024 802 65
कुल 6816 325
(वर्ष 2024 का डाटा जनवरी से 22 अप्रैल तक है)