दयाल सिंह स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच फीस वृद्धि को लेकर छिड़ी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। अभिभावकाें ने फीस के नाम पर लूटने का आरोप लगाया है। गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल के बाहर धरना दिया। अभिभावक आनंद मोहन, अमित पवार, चरण जीत, अरुण, कंवलजीत, मीनू, सीमा मदान, प्रदीप, धर्मबीर, विपिन, अजय, मनोज, राकेश व बालसिंह ने आरोप लगाया है कि बढ़ी फीस जमा करवाने के लिए बच्चों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
इन लोगों ने बताया कि करीब 20 अभिभावक शिक्षा अधिकारी के आदेशपत्र 15 मई 2014 के अनुसार व केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा के आदेशपत्र 12 जुलाई 2012 के अनुसार फीस जमा करवाने के लिए स्कूल में गए थे। प्रिंसिपल को एक पत्र दिया और कहा कि नियमों के तहत ही फीस ली जाए। पत्र में लिखा था कि कोई भी स्कूल बोर्ड की अनुमति के बिना फीस नहीं बढ़ा सकता। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर फीस व वार्षिक फीस नहीं ले सकता, लेकिन स्कूल प्रशासन ने पिछली फीस लेने से मना कर दिया। प्रिंसिपल ने पत्र लेने से इंकार कर दिया।
रोहतक आयुक्त के पास है मामला
मालूम हो कि फीस वृद्धि को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में अभिभावकों व स्कूल प्रबंधन के बीच कई बार मीटिंग हो चुकी है लेकिन कोई भी मीटिंग सिरे नहीं चढ़ सकी। स्कूल प्रबंधन ने कुछ दिन का समय मांगा था। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो जिला शिक्षा अधिकारी आशा मुंजाल ने जून में इस मामले की गेंद रोहतक आयुक्त के पाले में फेंक दी। अब यह मामला रोहतक आयुक्त के पास विचाराधीन है।
सीबीएसई कमेटी ने किया था स्कूल का दौरा
निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने के मामले में रविवार को सीबीएसई नई दिल्ली से आई जांच कमेटी ने दयाल सिंह, प्रताप स्कूल व अभिभावक एकता संघ कार्यालय का दौरा किया था। जांच कमेटी में कनवीनर एसएस शेहरावत, रिटायर्ड आयुक्त केवीएस तथा सदस्य केएस यादव मौजूद थे। अभिभावक एकता संघ के प्रधान दिनेश नरूला ने स्थिति के बारे बताया था। जांच कमेटी ने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि बिना किसी पक्षपात के इस मामले की जांच की जाएगी।