- अब एचएसवीपी ने परियोजना को गति देने के लिए ऑनलाइन किया टेंडर
- 127 करोड़ रुपये है परियोजना की लागत
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब एक बार फिर शहर के बाजारों को जाम और वाहनों की भीड़भाड़ से निजात मिलने की उम्मीद बंधी है, क्योंकि अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ( एचएसवीपी) ने टी-फ्लाईओवर परियोजना को गति देने के लिए टेंडर ऑनलाइन कर दिया है। जिसे 23 जून को खोला जाना है। शहर की ये 127 करोड़ रुपये की परियोजना पिछले ढाई साल से अटकी है। एचएसवीपी मुख्यालय ने इसे स्वीकृति प्रदान करते हुए टेंडर लगा दिया है।
बता दें कि टी-फ्लाईओवर परियोजना का डिजाइन करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बनाया था। करीब ढाई साल पहले इसकी लागत करीब 154 करोड़ रुपये प्रस्तावित की गई थी। जनवरी 2022 में डिजाइन स्वीकृति हो गई थी। जिसमें इसे सेक्टर 13-14 के डिवाइडिंग रोड से शुरू करके खालसा कॉलेज के पास उतारना था। अमर उजाला ने ही 14 मार्च 2022 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में सुझाव दिया था कि इसे खालसा कॉलेज की बजाय रेलवे रोड पर फिश मार्केट या चर्च के पास उतार दिया जाए तो इसका फायदा अधिकांश स्कूलों के बच्चों, शिक्षकों, घोघड़ीपुर से आने वाले ट्रैफिक, आसपास की विभिन्न कॉलोनियों को मिल सकता है।
इसके बाद स्मार्ट सिटी ने इस पर पुनर्विचार करके दोबारा डिजाइन तैयार की थी, जिसमें अब इसकी लंबाई 700 मीटर कम कर दी है। लागत भी 63 करोड़ रुपये कम होकर 91 करोड़ हो गई। नई डिजाइन में हरियाणा नर्सिंग होम से रेलवे रोड तक व टी-प्वॉइंट कमेटी चौक से कर्ण पार्क तक फ्लाईओवर बनाने को हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद मार्च-2022 से जनवरी-2023 तक तीन बार टेंडर ऑनलाइन किया गया, लेकिन कोई भी निर्माणदायी संस्था ने टेंडर नहीं लिया। इसके बाद प्रोजेक्ट को एचएसवीपी ने खुद ही पूरा करने का निर्णय लिया है। नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर इसकी अनुमानित लागत 127 करोड़ रुपये प्रस्तावित की। जिसमें 111 करोड़ रुपये का सिविल वर्क है। एचएसवीपी के कार्यकारी अभियंता धर्मबीर मेहला ने बताया कि टी-फ्लाईओवर की प्रस्तावित लागत बिजली पानी की लाइनों की शिफ्टिंग सहित करीब 127 करोड़ रुपये, लंबाई 2.84 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसकी क्रॉस चेकिंग चल रही है।
पीडब्ल्यूडी के बी एंड आर से चेकिंग हो चुकी है। इसमें 10 साल की मेंटीनेंस भी शामिल है। जो डिजाइन व प्रस्ताव उन्होंने तैयार करके मुख्यालय भेजा था, उसे स्वीकृति मिल गई है और परियोजना का टेंडर लगा दिया गया है, जिसकी तिथि 23 जून तक है। कोई बड़ी विश्वनीय संस्था आती है तो उसे कार्य आवंटन के बाद शुरू करा दिया जाएगा। हालांकि अभी तक किसी संस्था ने टेंडर नहीं भरा है, जिसके कारण उम्मीद है टेंडर की तिथि को बढाया जा सकता है।
इन क्षेत्रों को होगा लाभ
शहर के व्यस्ततम रेलवे रोड व इसके आसपास ही राजकीय महिला कॉलेज, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बालक एवं बालिका), डीएवी महिला कॉलेज, डीएवी बीएड कॉलेज, डीएवी ब्वायज कॉलेज, एसडी आदर्श स्कूल, एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मुल्तान, जैन गर्ल्स स्कूल, एसडी गर्ल्स स्कूल आदि कई स्कूल कॉलेज हैं, जिनके हजारों छात्र-छात्राएं रोज आते-जाते हैं, इन विद्यार्थियों को अब नए डिजाइन पर प्रस्तावित फ्लाईओवर से फायदा मिल सकेगा। घोघड़ीपुर से आने वाले ट्रैफिक को तो लाभ मिलेगा ही, साथ ही सदर बाजार को सीधा लाभ मिल सकेगा। रमेश नगर, इब्राहिम मंडी और सुभाष कॉलोनी आदि की आबादी को भी इसका फायदा होगा।