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एकता दिखाने के प्रयास में कांग्रेस में बढ़ी गुटबाजी

Mon, 02 May 2016 12:59 AM IST
सोमदत्त शर्मा/करनाल,अमर उजाला
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सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
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अंबेडकर जयंती पर निकाली सद्भावना यात्रा के समापन पर पुरानी सब्जी मंडी में सम्मेलन में एकता दिखाने के प्रयास में कांग्रेस में गुटबाजी साफ दिखी। सम्म्मेलन की तैयारियों में तो प्लानिंग की कमी साफ दिखी वहीं, नेताओं के भाषण के दौरान हुई हूटिंग की ड्रामेबाजी पूरी तरह से प्लानिंग के तहत हुई। कार्यक्रम शुरू होने से लेकर समापन तक एक भी पल ऐसा नहीं आया, जब सम्मेलन पर अव्यवस्था हावी न रही। किसी भी गुट ने अपनी राजनीति चमकाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। अव्यवस्था का आलम यह था कि मंच पर पैर रखने को जगह नहीं थी और पंडाल में कुर्सियां खाली थीं।
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सम्मेलन में चिलचिलाती गर्मी के बीच एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ लगी रही। गर्मी के कारण नेता भी आपा खोते दिखे और इसका असर कार्यकर्ताओं पर भी पड़ा। एक तरफ हुड्डा समर्थक नारेबाजी कर रहे थे तो दूसरी ओर तंवर समर्थकों ने हूटिंग का जिम्मा संभाला। पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा अपने संबोधन की महज चंद लाइन ही बोल पाए, बार-बार कांग्रेस नेताओं ने हाथ भी जोड़े, लेकिन हूटिंग बंद नहीं हुई। जब अशोक तंवर बोलने लगे तो गुलाबी पगड़ी उछल गई और हुड्डा के समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

लोकल नेताओं में दिखी होड़
स्थानीय नेताओं में भी एक-दूसरे से आगे जाकर मंच पर चढ़ने की लालसा दिखी। इस कारण न केवल धक्का-मुक्की हुई, बल्कि नौबत मुक्कों तक आ गई। युवा नेता नीटू मान को मंच पर चढ़ने से रोकने की कोशिश में हंगामा भी हुआ। नेताओं को भी मंच पर सीट अच्छे तरीके से नहीं मिल सकी। काफी संख्या में नेताओं के साथ और उनके पीछे कार्यकर्ता मंच पर चढ़ गए। स्थिति यह थी कि पता नहीं चल पा रहा था कि मंच कहां है और पंडाल कहां।  
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नहीं पता था कौन-कौन आएंगे
सम्मेलन में कौन-कौन कांग्रेसी नेता आएंगे, इसकी कन्फर्मेशन आयोजकों को एक एक दिन पहले तक नहीं थी। मंच पर भारी अव्यवस्था का एक बड़ा कारण यह भी रहा। आयोजकों ने काफी बड़ा मंच बनाया था लेकिन नाम तय नहीं होने के कारण नेता आते गए और सीटों पर जमते गए। संभावना जताई जा रही थी कि हुड्डा और उनके समर्थक सम्मेलन में नहीं आएंगे लेकिन ऐन मौके पर वह भी पहुंच गए।

अंबेडकर से शुरू, भाजपा पर खत्म
सम्मेलन के दौरान कांग्रेस के सभी नेताओं ने बाबा साहब से भाषण शुरू कर भाजपा पर खत्म किया। नेताओं ने भाजपा को जमकर कोसा और भड़ास निकाली। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि जब हम डा. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने से प्रेरणा मिलती है। वहीं खट्टर सरकार पर निशाना साधते हुए अहमद ने कहा कि सरकार ने माहौल खराब करने का ठेका ले रखा है। संघ और भाजपा की इस स्थिति से सरदार बल्लभ भाई पटेल की आत्मा भी दुखती होगी।

डा. अंबेडकर का तर्क था कि आगे बढ़ो और पीछे रहने वालों को आगे लेकर आओ। भाजपा ठगने और धोखा देने का काम कर रही है। कांग्रेस राज में हेलीकॉप्टर खरीद मामले में जो कंपनी ब्लैकलिस्ट में डाली थी और आज उसी कंपनी से मोदी सरकार सौदा तय कर रही है। अरुण जेटली स्पष्ट करें कि ब्लैकलिस्ट कंपनी को बाहर क्यों करवाया गया है? हरियाणा जातीय दंगों में जल रहा था और दिल्ली में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा की ओर देखा तक नहीं।

भाजपा ने भड़काए जातीय दंगे: हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर गरीबों के लिए संघर्ष करते रहे। उनके पदचिह्नों पर चलने की आवश्यकता है। हमने 3.82 लाख लोगों को 100-100 गज के प्लाट दिए। आज भाजपा सरकार ऐसा एक आदमी दिखा दे, जिसको 100-100 गज के प्लाट मिला है। दो महीने पहले जो दंगे हुए उसकी परतें खुलने लगी हैं। करनाल के सांसद अश्विनी चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में कहा कि आंदोलन को उकसाने में भाजपा के जाट मंत्री रहे हैं। उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।

पानी न पीने को न खेती को: चौधरी
किरण चौधरी ने कहा कि सरकार के दो साल हो गए हैं। लोगों को पीने का पानी नहीं है और किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं है। इसके बाद भी सरकार कहती है कि सूखा नहीं है। सरकार हर मोर्च पर फेल रही है। इस मामले को सरकार गंभीरता से ले।

धर्म-जाति के नाम पर न बांटे : सैलजा
कांग्रेस नेत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि धर्म, जाति के नाम पर लोगों को बांटना गलत है। कांग्रेस का नेतृत्व गरीब लोगों की ओर रहता है। भाजपा सरकार ने 2002 में गुजरात में दंगे कराए और दो महीने पहले हरियाणा में दंगे कराकर भाईचारा तोड़ने का काम किया। भाजपा को इसका नतीजा भुगतना होगा, क्योंकि जनता हर चीज को समझती है।

भाई से भाई को मरवाता है संघ: तंवर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि डा. अंबेडकर के योगदान को कोई झुठला नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ के लोग भाई को भाई से मरवाने का काम करते हैं। दो महीने पहले जो दंगे हुए उससे भाईचारे को क्षति पहुंची है। इसलिए शिक्षित बनो और संगठित रहो। हुड्डा के खिलाफ हुई हूटिंग के सवाल पर तंवर ने कहा कि कार्यकर्ताओं में जोश है, इसलिए ऐसा हुआ। खुद को सीएम प्रोजेक्ट करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी जो जिम्मेदारी सौंपेगी उस पर खरा उतरेंगे। सम्मेलन में अव्यवस्था के सवाल पर कहा कि यह कार्यकर्ताओं का जोश है, जो भाजपा को उखाड़ फेंकेगा।
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