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Karnal News: योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल कर बने निरोगी

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योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल कर बने निरोगी - फोटो : योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल कर बने निरोगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। योग किसी एक दिवस पर अपनाई जाने वाली गतिविधि नहीं है, इसे नियमित रूप से दिनचर्या का हिस्सा बनाकर खासकर उम्र बढ़ने पर शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। अब घरेलू से लेकर कामकाजी महिलाएं भी इसे तेजी के साथ अपना रही हैं। कई महिलाएं तो नियमित रूप से योग कक्षाओं में जाती हैं और कई योग शिक्षिका भी बन चुकी हैं। अब वह अन्य महिलाओं को भी योगासन सिखाती हैं। जिसका फायदा भी महिलाओं को हो रहा है, वह शारीरिक रूप से तो फिट है हीं, साथ ही रोग भी उनके आसपास नहीं फटकते हैं।


तनाव कम करने में मिलती है मदद
शैलजा गुप्ता ने बताया कि वह बाबा रामदेव की प्रेरणा से योग करने लगी थी। वह प्रात: साढ़े पांच बजे मानव सेवा संघ में रोजाना योग करने जाती हैं। योग करने से जहां हमारे शरीर की थकान के साथ बीमारियां भी दूर होती हैं। तनाव तो कम होता ही है, साथ ही योग और ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति मिलती है। नियमित अभ्यास से चिंता और अवसाद के लक्षणों में कमी आती है। प्राणायाम तकनीक जैसे अनुलोम-विलोम और भ्रामरी विशेष रूप से तनाव कम करने में प्रभावी है।
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पीठ में दर्द से मिला छुटकारा
मीनाक्षी ने बताया कि उन्हें पीठ में रहता दर्द था। एक दिन वह योग कक्षा में गईं तो पता चला कि इसे दूर करने के लिए कुछ खास आसन है। उन योगासनों के साथ योग करना शुरू किया। अब ठीक हैं। उन्होंने बताया कि योग आसन विभिन्न मांसपेशियों और जोड़ों को खींचते और मजबूत करते हैं, जिससे शरीर का समग्र लचीलापन बढ़ता है। नियमित अभ्यास से आप धीरे-धीरे अपनी गतिशीलता में सुधार देखेंगे। सूर्य नमस्कार से कोर स्ट्रेंथ में वृद्धि होती है।
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नींद न आने की समस्या खत्म




कविता ने बताया कि उनके हाथ और पांव मेंं दर्द रहता था लेकिन जब से उन्होंने योग शुरू किया है, अब परेशानी दूर हो गई है। उन्होंने बताया कि नियमित योग और ध्यान अभ्यास से नींद में सुधार हुआ है और अनिद्रा के लक्षण कम हुए हैं। शाम के समय योग निद्रा का अभ्यास करने से गहरी नींद आती है। ध्यान से मन शांत होता है, जिससे सोने से पहले विचारों की उथल-पुथल कम होती है।
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