नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने सोमवार सुबह चिड़ाव मोड़ पर
बीडीपीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 8 अधिकारी व
कर्मचारी मौके से गैरहाजिर मिले। इनमें एसडीओ पंचायती राज व बीडीपीओ राकेश
वोहर भी शामिल थे।
कार्यालय में कर्मचारियों के नहीं पाए जाने पर उन्होंने
मौके पर एडीसी गिरीश अरोड़ा, एक्सईएन पंचायती राज और डीडीपीओ कुलभूषण बंसल
को फोन कर अधिकारियों के बारे में जवाब मांगा। जानकारी के अनुसार सोमवार
सुबह नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी सोमवार सुबह करीब 10 बजे
चिड़ाव मोड़ स्थित बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। कार्यालय पहुंचकर उन्होंने
हाजिरी रजिस्टर चेक किया।
इस दौरान ब्लॉक कोआर्डिनेटर, क्लस्टर
कोआर्डिनेटर, मोटिवेटर व हेड क्लर्क मौके से गैरहाजिर मिले। इसी दौरान
एसडीओ पंचायती राज और बीडीपीओ राकेश वोहर भी कार्यालय में नहीं थे। इसके
बाद गुस्साए विधायक ने इन सभी की शिकायत के लिए एडीसी गिरीश अरोड़ा सहित
संबंधित अधिकारियों को फोन किया। साथ ही बीडीपीओ से भी जवाब मांगा। बीडीपीओ
ने उन्हें बताया कि वह किसी कार्य के लिए डीसी से मिलने करनाल आए हैं।
इसके बाद विधायक का गुस्सा कुछ शांत हुआ और इन सभी कर्मचारियों को वार्निंग
देकर उन्होंने छोड़ दिया। विधायक ने कहा कि यदि आगे से इस तरह की लापरवाही
पाई गई तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं सभी कर्मचारियों
को कहा कि वह बाहर जाने से पहले मूवमेंट रजिस्टर में अपनी मूवमेंट दर्ज
कराएं।
मेरे पास विधायक भगवानदास कबीरपंथी का फोन आया था।
बीडीपीओ करनाल कार्यालय में आए थे। इसी दौरान विधायक वहां चले गए। हमारा
कुछ कम्यूनिकेशन गैप रह गया।
कुलभूषण बंसल, डीडीपीओ, करनाल
हेड
क्लर्क आरटीआई के एक मामले में चंडीगढ़ गए थे। मैं भी करनाल डीडीपीओ
कार्यालय आया था। अन्य कर्मचारियों की भी ड्यूटी अक्सर फील्ड में ही रहती
है।
राकेश वोहरा, बीडीपीओ, करनाल।