परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार से रोडवेज यूनियन की हुई बातचीत में
एक सिंतबर को होने वाली हड़ताल को वापस लेने का फैसला ले लिया गया है। दो
सितंबर को चक्का जाम किया जाएगा। करनाल रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों ने
सभी को फोन पर बातचीत करके हड़ताल समाप्त करने की सूचना दे दी है। मंगलवार
को रोडवेज का चक्का जाम नहीं रहेगा और बसें अपने तय समय पर चलेंगी।
एक दिन
के चक्का जाम से करनाल डिपो को 13 लाख रुपये का नुकसान होगा। इस नुकसान की
भरपाई डिपो मुश्किल ही कर पाएगा और सालाना आंकड़ों में आमदनी की गिरावट
होना तय है। रोडवेज कर्मचारी रामनिवास शर्मा, सुरेश लाठर, सोनी कांबोज,
अनिल कुमार, रेवती रमण, अनिल कुमार, महावीर सिंह आदि ने सोमवार दोपहर चक्का
जाम करवाने को लेकर मीटिंग की और कर्मचारियों ने चक्का जाम करने की रणनीति
बनाई।
सोमवार देर शाम चंडीगढ़ में बातचीत के बाद कर्मचारी नेताओं ने
कर्मचारियों को बसें चलाने के लिए आदेश दे दिए हैं। फिलहाल अभी दो सितंबर
को रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम करने को लेकर मंत्रणा की। दोपहर हुई
बैठक में कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि
सरकरा की तानाशाही के कारण रोडवेज कर्मचारी चक्का जाम कर रहे हैं। रोडवेज
कर्मचारी लोगों को परेशान करने में खुश नहीं हैं। जायज मांगों को लेकर वे
एकजुट हैं।