U.S. deportation of Indian migrants: हरियाणा में सिर्फ 38 एजेंट पंजीकृत हैं। 95 प्रतिशत फर्जी हैं। आठ जिलों में एक भी पंजीकृत एजेंट नहीं है। आठ जिलों में एक भी पंजीकृत एजेंट नहीं हैं। अंबाला और हिसार में तीन-तीन पंजीकृत हैं।
विदेश भेजने के लिए प्रदेश हर जिले में कई एजेंट कार्यालय खोलकर बैठे हैं, लेकिन इनमें से 95 फीसदी बिना लाइसेंस के ही काम कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के आठ फरवरी तक के रिकॉर्ड के अनुसार हरियाणा में महज 38 पंजीकृत एजेंट हैं।
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इसके अलावा अन्य सभी अवैध तरीके से विदेश भेजने का काम कर रहे हैं। प्रदेश में एक हजार से ज्यादा ऐसे एजेंट या दुकानें/दफ्तर हैं जो विदेश भेजने का धंधा कर रहे हैं।
प्रदेश में आठ जिले ऐसे हैं, जहां पर एक भी पंजीकृत एजेंट नहीं है। यहां सभी बिना लाइसेंस के ही काम कर रहे हैं। इसके अलावा सात जिले ऐसे हैं, जहां पर महज एक ही एजेंट पंजीकृत है। वहीं करनाल, पंचकूला और पानीपत सहित तीन जिलों में दो-दो तो अंबाला व हिसार में तीन-तीन एजेंटों के पास वैध लाइसेंस हैं।
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सर्वाधिक 15 पंजीकृत एजेंट साइबर सिटी गुरुग्राम में हैं, इनमें से भी आधे एजेंटों के लाइसेंस एक्सपायर हो चुके हैं, ये भी अब बिना लाइसेंस रिन्यू कराए काम कर रहे हैं। लाइसेंस होने पर भी गलत तरीके से काम करने पर हिसार के एक एजेंट का लाइसेंस विदेश मंत्रालय की ओर से निलंबित भी किया जा चुका है।
इन पंजीकृत 38 एजेंटों में से भी 13 के लाइसेंस निष्क्रिय हैं । इनमें 12 के लाइसेंस एक्सपायर, एक का रद्द है। इनके अलावा हिसार के एक एजेंट का लाइसेंस विदेश मंत्रालय की ओर से निलंबित किया गया है।
प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ और पड़ोसी राज्यों की स्थिति देखें तो चंडीगढ़ में 41 और पंजाब में महज 18 एजेंट पंजीकृत हैं। वहीं, देश में कुल 3005 ही पंजीकृत एजेंट हैं, इनमें से 2194 का लाइसेंस ही सक्रिय है।
देश में पंजीकृत एजेंटों की संख्या में 13वें पायदान पर हरियाणा
देश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विदेश भेजने के नाम पर पंजीकृत एजेंटों की संख्या के आधार पर हरियाणा 13वें पायदान पर है। जबकि पड़ोसी राज्यों में पंजाब 15वें, उत्तराखंड 19वें, हिमाचल प्रदेश 22वें स्थान पर है। जबकि चंडीगढ़ 11वें, राजस्थान सातवें, उत्तर प्रदेश छठे और दिल्ली दूसरे पायदान पर है। सबसे ज्यादा 899 पंजीकृत एजेंट महाराष्ट्र और सबसे कम महज एक लाइसेंसशुदा एजेंट छत्तीसगढ़ में है। n पड़ोसी राज्यों में पंजीकृत एजेंट : दिल्ली 436, यूपी 117, राजस्थान 95, हरियाणा 38, पंजाब 18, उत्तराखंड 08, हिमाचल 03
प्रदेश में इस तरह चलता फर्जी इमीग्रेशन की दुकानें
प्रदेश में पंजीकृत 36 इमीग्रेशन कंपनियों में कुछ कंपनियों के शह पर फर्जी इमीग्रेशन की दुकानें चल रही है। एक तरह से जिस प्रकार बी-फॉर्मा वाले की डिग्री किराये पर लेकर मेडिकल स्टोर संचालित होती है। उसी तरह पंजीकृत कंपनियों से अवैध तरीके से मौखिक तौर पर सेटिंग करके फर्जी इमीग्रेशन के दुकानदार डंकी रूट का धंधा चला रहे हैं। इसके लिए शह देने वाली पंजीकृत इमीग्रेशन कंपनियों को अलग-अलग तरीके से फर्जी इमीग्रेशन दुकानदार भुगतान करते हैं। इनमें कई दुकानदार विदेश भेजने जाने वाले प्रति व्यक्ति तो कोई प्रति माह के हिसाब के भुगतान करता है। इस मामले में पुलिस के पास कार्रवाई करने का कोई वैद्य कानून नहीं होने का ये फर्जी एजेंट फायदा उठाते हैं।
प्रदेश में जल्द ही फर्जी इमीग्रेशन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर नया एक्ट लागू होने वाला है। इसके बाद प्रदेश के प्रत्येक जिलों में संचालित इमीग्रेशन कंपनियों की जांच होगी। इस जांच अभियान में अपंजीकृत इमीग्रेशन कंपनियों को बंद करने के साथ सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा अवैध तरीके से काम करने वाले एजेंटों के शह देने वाले पंजीकृत कंपनियां व उनके संचालक भी नपेंगे। -सिबास कविराज, आईपीएस, एसआईटी प्रमुख।