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अवैध कालोनियां बनी जी का जंजाल

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विधान सभा में अवैध कालोनियों की रजिस्ट्री को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद करनाल जिले की अवैध कालोनियां भी सुर्खियों में आ गईं हैं। यहां करीब एक सौ कालोनियां हैं लेकिन प्रशासन की ओर से 42 कालोनी ही अवैध चिन्हांकित की गईं हैं। इन कालोनियों में सब रजिस्ट्रार और संयुक्त सब रजिस्ट्रार स्तर पर हरियाणा विकास और विनियमन क्षेत्र संशोधन अधिनियम-2017 की धारा 7ए का ठीक से पालन नहीं हुआ है।
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जिसे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा में स्वीकार भी किया है। उनकी ओर से की गई टिप्पणी के बाद करनाल में रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े तहसीलदार सहित कई अधिकारी निशाने पर हैं। क्योंकि विधानसभा में 14 जून-2013 से लेकर 31 मई 2020 तक करनाल सहित आठ जिलों में 1555 पंजीकृत विलेखों और पट्टेनामा के दस्तावेजों पर सवाल उठाए गए हैं।
इसी के बाद सरकार ने नए रजिस्ट्री नियमों में एनओसी का दायरा काफी हद तक बढ़ा दिया गया है। इसलिए अब एक एकड़ से कम खेती की जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए एनओसी लेनी होगी। जिससे कि कृषि भूमि की प्लाटिंग न हो। यदि कृषि भूमि को जिस उद्देेश्य बेचा या खरीदा जा रहा है, उसी के अनुसार उसकी रजिस्ट्री हो। जिससे कि राजस्व की चोरी रुके और प्लानिंग के अंतर्गत उस क्षेत्र का विकास हो।
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जिले में अवैध चिन्हित 42 कॉलोनियां
करनाल शहर में कर्ण विहार की 3, मंगलपुर पार्ट- 1 व 2, कैथल रोड जेल के सामने, पेट्रोल पंप के पीछे, राजघराने के सामने, फुसगढ़ रोड पर दो कॉलोनिया, टेनिस एकादमी सेक्टर-32 के पास 2 कॉलोनी, नूरमहल, सेक्टर-36 मधुबन के सामने 1-1, नेवल रोड पर 3, बजीदा रोड सब्जी मंडी के पास, घोघडीपुर रोड पर गिरडे वाले पुल के पास 1, सेक्टर 16 के पीछे की कॉलोनिया शामिल हैं। असंध में ढोल चौक के पास, करनाल रोड व सफीदों रोड पर 3, इंद्री शहर में इंद्रगढ रोड पर 1, लाडवा रोड पर 1, मटक-माजरी रोड पर 2, घरौंडा शहर में पनौडी रोड पर 2, अलीपुर रोड पर 2, नेशनल हाइवे पर 4, तहसील के सामने 1, फुरलक रोड पर 1, नीलोखेड़ी में किसान बस्ती के पास 3, शामगढ़ में 1, अंजलथली रोड तरावड़ी में 2 शामिल हैं।
-लगातार अवैध कॉलोनियों को गिराने का काम चल रहा है। बिना जांच पड़ताल कोई भी प्लॉट न खरीदें। कालोनाइजर भी प्लॉट को काटने से पहले अनुमति लें। ताकि लोगों को भी प्लॉट लेने में दिक्कत न रहे।
-विक्रम सिंह, डीटीपी करनाल।
लोगों से अपील है कि अवैध कॉलोनियों में प्लांट न खरीदें। प्लॉट खरीदने से पहले डीटीपी कार्यालय से कालोनी के वैध या अवैध होने की जानकारी प्राप्त करें। सभी अवैध कालोनियों में बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
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-निशांत कुमार यादव, डीसी एवं निगमायुक्त
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