शहर की पुरानी सब्जी मंडी चौक पर ट्रैफिक चालान के खिलाफ वीरवार को कर्ण गेट मार्केट के दुकानदार सड़क पर उतर गए और पुलिस पर नाजायज कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही करीब डेढ़ घंटे तक दुकानें बंद रखी। इस दौरान पुलिस और दुकानदारों के बीच तीखी बहस भी हुई।
हुआ यूं कि वीरवार की सुबह दुकानदार संजय अपने घर से आया तो उन्हें पुलिस ने रोक लिया। उनका कहना है कि उन्होंने उस वक्त मास्क भी डाला हुआ था। फिर भी पुलिस ने रोक लिया और बदतमीजी की। आरोप है कि यही रवैया अन्य लोगों के साथ होता है। दुकानदार संकल्प भंडारी ने बताया कि दुकानदार संजय के साथ हुई कार्रवाई के बाद हम चौकी इंचार्ज से भी मिले, लेकिन उन्होंने हमारी नहीं सुनी। उसके बाद ही सभी ने बाजार बंद करने का फैसला लिया। कुछ देर के लिए चौक पर जाम की स्थिति भी बनी। मामले को लेकर शुक्रवार को सभी दुकानदार एसपी से भी मिलेंगे।
दुकानदार बोले. व्यापार में बाधा डाल रही पुलिस
प्रदर्शन कर रहे दुकानदार संकल्प भंडारी, पवन, दीपक नारंग, सुधीर, मुनीष घेरा व मुकेश कुमार का कहना है कि चालान को लेकर पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं है, कार्रवाई करने का कोई तरीका नहीं है। बताया कि सुबह ही 20 से 25 पुलिस कर्मी चौक के चारों तरफ तैनात हो जाते हैं और हर आने जाने वाले पर झपट पड़ते हैं। इससे ग्राहक डर जाते हैं। लॉकडाउन के कारण पहले ही काम नहीं है। अब पुलिस की कार्य प्रणाली से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
सिर्फ मास्क का चालान करें, हम सरकार और प्रशासन के साथ
दुकानदार बोले, ट्रैफिक व्यवस्था पर इनका कोई ध्यान नहीं है, मास्क इस समय की जरूरत है, पुलिस इसका चालान काटे, चाहे हमारी दुकानों में खड़े ग्राहकों पर भी कार्रवाई हो जाए हमें ऐतराज नहीं है। लेकिन मास्क के नाम पर भारी भरकम चालान थमाने का यह तरीका गलत है।
दूसरी मार्केट के दुकानदार के साथ भी हुई बहस
करनाल व्यापार मंडल के प्रधान कृष्ण लाल तनेजा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की यह समस्या बड़ी है। हम सरकार के साथ हैं, लेकिन यहां नाजायज होने वाली कार्रवाई बंद हो। प्रदर्शन के दौरान दूसरी मार्केट के एक दुकानदार की भी प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों के साथ चालान की बात को लेकर बहस हुई थी।
चौकी इंचार्ज बोले, पुलिस को गुंडा बता रहे दुकानदार
ट्रैफिक चौकी इंचार्ज रमेश ढांगी का कहना है कि हम नाजायज चालान नहीं करते। पुलिस सिर्फ दस्तावेज जांच करती है। यदि किसी की कोई मजबूरी है तो हम छोड़ भी देते हैं। दुकानदारों ने मुझे भी धमकी दी है कि हम चौकी बंद करवा देंगे। पुलिस को गुंडा बता रहे हैं। हमें ये नहीं पता कि कौन किसका ग्राहक है, हम उनके चालान करते हैं, जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं। यदि दुकानदारों को चालान के टाइमिंग से दिक्कत है, तो बता दें हम टाइमिंग भी एडजेस्ट कर देंगे।