जुंडला। जाणी रोड स्थित श्रीकृष्ण गोपाल गोशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में स्वामी गोपाल गोस्वामी ने श्रद्धालुओं को बताया कि अगर हमें संसार रूपी भव सागर से पार निकलना है तो हमें गोमाता की सेवा करनी चाहिए। अपने सामर्थ्य अनुसार गोमाता के लिए गोग्रास निकालना चाहिए। कथावाचक देवी राधे प्रिया ने भगवान श्रीकृष्ण और पूतना संवाद सुनाते हुए कहा कि किस प्रकार पूतना राक्षसी भगवान श्रीकृष्ण को मारने के लिए गोकुल पहुंचती है। भगवान श्रीकृष्ण पूतना का उद्धार कर देते हैं। इसी प्रकार श्रीकृष्ण बृज में अनेक लीलाएं करते हुए इंद्र का अभिमान दूर करने के लिए गिरिराज महाराज की पूजा ब्रज वासियों के साथ निरंतर सात दिन व रात करते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण गिरिराज महाराज को अपनी कनिष्ठ ऊंगली पर उठाते हैं और ब्रज वासियों के कष्ट दूर करते हैं। उसी दिन से गिरिराज महाराज की पूजा की परंपरा आरंभ होती है।
इस अवसर पर गो मनीषी स्वामी गोपाल गोस्वामी, गोशाला के चेयरमैन कृष्ण मुरारी सिंगला, श्री शिव रामलीला क्लब के उप निदेशक सतीश शर्मा, कमेटी प्रधान राजेंद्र कुमार मोंगा मौजूद रहे। संवाद