माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आंगनबाड़ी कर्मियों की हड़ताल 34वें दिन सोमवार को भी जारी रही। उन्होंने सुबह फव्वारा पार्क में धरना दिया। इस दौरान जनवादी महिला समिति भी आंगनबाड़ी वर्कर्स की हड़ताल को समर्थन देने पहुंची । इसके बाद उन्होंने यहां से शहीद मदन लाल ढींगड़ा चौक तक रोष मार्च निकाला। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने एलान किया कि यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो 12 जनवरी को जेल भरो आंदोलन में जिले की तीन हजार वर्कर हिस्सा लेंगी। सोमवार को समिति की ओर से मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों पर जल्द समाधान की मांग की है।
उधर, सोमवार को आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की चंडीगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक के साथ वार्ता भी थी। देर शाम तक पहले दौर की बैठक में कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद भी दूसरे दौर की चर्चा भी शुरू हो गई। इस मौके पर जनवादी महिला समिति की प्रधान तोषी, सचिव जरासो, किसान सभा के जिला संयोजक एडवोकेट कुलदीप राणा, अशोक अरोड़ा और डॉ राजिंद्र पहुंचे। सोमवार को धरने की अध्यक्षता इंद्री खंड की कोषाध्यक्ष नरेश देवी ने की और संचालन जिला सचिव बिजनेश राणा ने किया। इस मौके पर नरेश, रीना, नीलम, बबीता, ओपी माटा और राजबाला मौजूद रहे। ब्यूरो
आंगनबाड़ी वर्कर्स को कई माह से बढ़ा हुआ किराया नहीं मिला है। वे केंद्रों का किराया खुद भरने को मजबूर हैं। हमारी मांगें केंद्रों के बेहतर संचालन के लिए ही हैं।
- सुनीता
आंगनबाड़ी वर्कर्स सरकार की घोषणाओं से खुश नहीं हैं। ऐसी घोषणाओं का क्या फायदा जो, अब तक लागू नहीं हुई। सरकार को मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।
- संगीता शर्मा, खंड प्रधान
घोषणा के बाद भी सरकार वर्कर को कुशल मजदूर और हेल्पर को अकुशल मजदूर का दर्जा नहीं दे पाई। इसलिए आंगनबाड़ी वर्कर्स धरना देने को मजबूर हैं।
- रीना, खंड सचिव