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Karnal News: अगर अब सातवीं बार भी बेटी हुई तो पति निकाल देगा घर से बाहर

Tue, 17 Feb 2026 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। मैम अगर इस बार भी बेटी हुई तो ससुराल वाले मुझे छह बेटियों के साथ घर से निकाल देंगे। मायके वाले भी कह चुके हैं कि अगर ससुराल वालों ने निकाला तो यहां मत आना।
39 वर्षीय महिला के यह कहते हुए आंसू आ गए। उनका पांचवां महीना चल रहा था। स्त्री रोग ओपीडी में नियमित जांच के लिए आई थीं। लगातार घबराहट, रोने और अनिद्रा की शिकायत पर उन्हें मनोचिकित्सा ओपीडी भेजा गया। महिला ने बताया कि परिवार की ओर से लगातार बेटा पैदा करने का दबाव है। छह बेटियों के बाद भी ससुराल पक्ष का कहना है कि वंश चलाने के लिए बेटा जरूरी है। सातवीं बार गर्भधारण करना खुशी नहीं, बल्कि मानसिक परेशानी दे रहा है।
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मनोचिकित्सक डाॅ सौभाग्य सिंधु ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल की मानसिक रोग ओपीडी में हर माह एक से दो महिलाएं ऐसी पहुंच रही हैं। उन्हें बेटे की चाह में मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। कई महिलाओं को कानूनी सहायता के लिए सुकून केंद्र में रेफर कर दिया जाता है। महिलाएं काउंसिलिंग में बताती हैं कि उन्हें न केवल बार-बार गर्भधारण करने के लिए जबरदस्ती की जाती है बल्कि बेटियों के साथ भी बदसलूकी की जाती है। महिलाएं गर्भधारण के दाैरान न तो स्वयं पर ध्यान दे पाती हैं न ही होने वाले बच्चे पर। अधिक बच्चे पैदा करने से न केवल शरीर पर बल्कि महिलाओं की मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से कमजोर कर देता है।
नाैवीं बार गर्भधारण का दबाव
सुकून केंद्र की काउंसलर अनु सैनी ने बताया कि केंद्र में आठ-आठ बेटियों के बाद गर्भधारण हुई महिलाएं पहुंचती हैं। वह अक्सर अपनी परेशानियों को साझा करने के लिए आती हैं। उन्होंने बताया कि पहले तो महिला की काउंसिलिंग की जाती है जिसके बाद उनके पति को भी समझाया जाता है। लेकिन कई मामलों में महिला के पति कोई भी बात को समझने के लिए तैयार नहीं होते हैं इस स्थिति में महिला कई बार मजबूर होकर वापस चली जाती है।

केस-1
बेटी होने पर घर से निकाल देने की धमकी
ओपीडी में आईं अन्य महिला ने भी बेटे के लिए ताने दिए जाने से तनाव की समस्या बताई। उनकी शादी को 19 साल हो चुके हैं। काउंसिलिंग में बोलीं कि पहली तीन बेटियों के बाद परिवार में ताने दिए जाने लगे थे। बेटे की चाहत पूरी करने के लिए बार-बार गर्भधारण किया। छह बेटियां हैं। सास-ससुर और पति का साफ कहना है कि एक बार और कोशिश करनी होगी। मपरिवार की ओर से धमकी दी गई है कि बेटी हुई तो घर से निकल जाना। महिला की काउंसिलिंग की गई और सुकून केंद्र में उन्हें अधिकारों व कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।

केस-2
पांच बेटी होने पर पति करने लगा प्रताड़ित
सुकून केंद्र में 34 वर्षीय महिला गंभीर एंग्जायटी डिसआर्डर से ग्रस्त होकर पहुंचीं। महिला की पहले मनोरोग ओपीडी में काउंसिलिंग की गई। ग्रामीण महिला ने बातचीत में बताया कि उनकी पांच बेटियां हैं। परिवार में सभी ताने मारते हैं। इस कारण वह तनाव में रहती हैं। पांच बेटी होने पर पति ने भी प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। अब छठे बच्चे के लिए गर्भवती हैं। ससुराल वाले कहते हैं कि वंश चलाने के लिए बेटे का होना जरूरी है। महिला ने बताया कि उनकी मानसिक स्थिति सही नहीं है। अचानक रोने लग जाती हैं। पसीने आते हैं और कभी-कभी बहुत डर लगता है। महिला को सुकून केंद्र में भेजा गया ताकि वह जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता ले सकें।
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अधिक बच्चे करने पर बच्चेदानी फटने तक का खतरा
स्त्री रोग चिकित्सक डाॅ. वैशाली शर्मा ने बताया कि महिला अगर बिना मानक समय पूरा किए बिना बार-बार गर्भधारण करती हैं तो इससे महिला का शरीर बेहद कमजोर हो जाता है। अधिक बार प्रसव होने पर महिला की बच्चेदानी फटने और यहां तक की मृत्यु होने तक का खतरा बन जाता है। कई प्रकार की हार्मोनल बदलाव, शारीरिक बदलाव पहले से ही होते हैं। अगर बार-बार शरीर की ताकत से ज्यादा बच्चे हों तो वह हानिकारक हो सकता है।
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