माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। विदेश में बेहतर जिंदगी जीने का सपने देख अमेरिका गए जिले के 16 युवकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। ये सभी युवक अवैध रूप से अमेरिका जाने के प्रयास में मेक्सिको की दीवार फांदने की कोशिश में पकड़े गए थे। महीनों तक जेल में यातनाएं झेलने के बाद अब इन्हें भारत डिपोर्ट कर दिया गया है।
वह कई रास्तों के जरिए अमेरिका तक पहुंचे। कोई दुबई के रास्ते यूरोप से होते हुए मैक्सिको बॉर्डर पहुंचा तो किसी ने ब्राजील, इक्वाडोर और पनामा के जंगलों से कई कई माह की यात्रा कर अमेरिका जाने का रास्ता चुना। इनके अलावा कुछ सऊदी अरब के रास्ते भी अमेरिका पहुंचे। ये रूट एजेंट की ओर से पैसे के अनुसार बताए और निर्धारित किए जाते हैं। पैसा ज्यादा देने पर पैदल का रूट नहीं बल्कि जहाज से मैक्सिको बॉर्डर तक पहुंचाया जाता है। पैसा कम देने पर पैदल जंगलों के सहारे जाना पड़ता है। हर अलग-अलग रूट के लिए 40 से 70 लाख रुपये का पैकेज देकर युवाओं को बहकाया जा रहा है।
लालच में फंसे कई युवा
डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि फिलहाल इनमें से किसी भी युवा की ओर से किसी एजेंट के खिलाफ शिकायत नहीं दी गई है। अगर शिकायत मिलेगी तो उस पर कार्रवाई होगी। उनका कहना है कि महीनों की कैद और अत्याचार झेलने के बाद इनकी वापसी उन सभी युवाओं के लिए चेतावनी है जो बिना वैध प्रक्रिया के विदेश जाने का सपना देखते हैं। कानूनी प्रक्रिया से बाहर जाकर विदेश जाना न केवल अपराध है बल्कि जान का भी जोखिम है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि गलत तरीके से विदेश जाने के झांसे में न आएं और अपना वक्ता और पैसा बर्बाद न करें।