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20 दिन में कैसे बंटेंगे नोटिस, नहीं सुधर रहीं त्रुटियां

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नगर निगम क्षेत्र में नई प्रॉपर्टी आईडी एक अप्रैल 2022 से लागू की जानी हैं, लेकिन अभी तक सर्वे कंपनी यॉशी पूरे नोटिस भी वितरित नहीं कर सकी है। जिससे अधिकांश लोगों को अभी तक यह जानकारी ही नहीं है कि उनकी नई आईडी में क्या और कितनी त्रुटियां हैं। बहुत से लोगों के घरों पर नई आईडी के रि-असिस्मेंट नोटिस अभी नहीं पहुंच सके हैं। जो खाली प्लॉट हैं, उनके मालिकों को निगम कार्यालय आकर नोटिस प्राप्त करने को कहा था लेकिन यहां कंपनी का कोई कर्मचारी ही नहीं मिलता।
यदि एक अप्रैल को नई आईडी लागू होती है तो शहर के हजारों संपत्ति धारकों को कई महीने तक प्रॉपर्टी आईडी सुधरवाने के लिए दौड़ तो लगानी ही होगी, साथ ही प्रत्येक संपत्ति धारक को पांच हजार रुपये तक फीस भी भरनी पड़ेगी। लापरवाही तो सर्वे कंपनी की है लेकिन खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ेगा।
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शहर में साल भर पहले यॉशी कंपनी ने ड्रोन सर्वे किया था लेकिन इसमें भारी त्रुटियां सामने आईं, जिससे वह सर्वे लागू नहीं हो सका। आखिरकार कंपनी को दोबारा घर-घर जाकर सर्वे कर त्रुटियों को दूर करने का आदेश दिया गया। सर्वे में प्रॉपर्टी आईडी 1.41 लाख से बढ़कर 1.62 लाख हो गईं लेकिन अधिकांश में कोई न कोई कमी थी। साल भर इन्हीं को दुरुस्त करने में बीत गया लेकिन नया सर्वे लागू नहीं हो सका। अब दो महीने पहले कंपनी ने सभी 1.60 लाख प्रॉपर्टी आईडी वालों को रि-असिस्मेंट नोटिस जारी किया। जिसमें पुरानी आईडी के साथ नई आईडी भी लिखी गई। कहा गया कि नोटिस को देखकर यदि कोई कमी है तो उसे दुरुस्त करा लें। इसके लिए ऑनलाइन सुविधा भी दी गई। नई प्रॉपर्टी आईडी एक अप्रैल से लागू होनी है, जिसमें सिर्फ बीस कार्य दिवस ही शेष हैं लेकिन अभी रि-असिस्मेंट नोटिस पूरे वितरित भी नहीं हो सके हैं, न ही जिन पर आपत्तियां आई हैं, उनमें सुधार हो सका है।
रि-असिस्मेंट नोटिस भवन स्वामियों को मिल रहा है, क्योंकि वे अपने आवासों में रह रहे हैं लेकिन ऐसे बहुत के खाली प्लॉट हैं, जहां संपत्ति मालिक अभी नहीं रह रहे हैं। ऐसे लोगों को निगम कार्यालय में नोटिस प्राप्त करने को कहा गया था। बड़ी संख्या में लोग निगम कार्यालय आ रहे हैं लेकिन यहां यॉशी कंपनी का कोई कर्मचारी है ही नहीं, जो नोटिस दे सके। ऐसे में लोग निगम कार्यालय में भटकते रहते हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। बहुत से लोग हैं, जिनके घरों पर रि-असिस्मेंट नोटिस पहुंचे ही नहीं है।
यह हो सकती है दिक्कत
यदि किसी को अपनी प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटि सुधार कराना है तो नगर निगम का नियम है कि रजिस्ट्री के तीन महीने तक कोई फीस नहीं, इसके बाद साल भर तक एक हजार रुपये, दो साल तक दो हजार, तीन साल तक तीन हजार व चार साल तक चार हजार रुपये फीस लगती है। चार साल के बाद चाहे कितना भी समय हो, पांच हजार रुपये की फीस लगेगी। शहर में तो प्रॉपर्टी आईडी कई साल पुरानी है, यानी यदि इनकी त्रुटि कंपनी ने नहीं सुधारी तो सभी संपत्ति धारकों को प्रति आईडी पांच-पांच हजार रुपये की फीस भरनी होगी।
हरियाणा सरकार ने अस्थायी संपत्ति आईडी बनाने पर 20 दिसंबर 2021 से रोक लगा रखी है। जो लोग नए भवन बना रहे हैं, नए प्लॉट खरीद रहे हैं, ऐसे लोग पहले अस्थायी आईडी बनवाकर टैक्स अदा करके आगे की कार्रवाई करते थे लेकिन अब अस्थायी आईडी भी नहीं बन पाएगी, जिससे मानचित्र बनाना या टैक्स भरना आदि कार्य नहीं हो सकेंगे।
आरडब्ल्यूए ने की दोबारा सर्वे कराने की मांग
रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 12 के प्रधान अशोक ढींगरा की अगुवाई में वरिष्ठ उप प्रधान राज कुमार कत्याल, महासचिव एसडी सेतिया, संयुक्त सचिव चरनजीत आहूजा आदि पदाधिकारियों ने निगमायुक्त नरेश नरवाल से मिलकर नई प्रॉपर्टी आईडी के सर्वे में भारी खामियां होने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि सर्वे कंपनी से संपत्तियों का दोबारा सर्वे कराया जाना चाहिए। अभी सभी लोगों को नोटिस नहीं मिले हैं, तो फिर नई प्रॉपर्टी आईडी को एक अप्रैल से लागू करना उचित नहीं होगा।
शीघ्र कंपनी का कर्मचारी होगा नियुक्त
आज कई लोग उनसे भी मिले थे, प्लॉट व घरों के नई प्रॉपर्टी आईडी के रि-असिस्मेंट नोटिस न मिलने की शिकायत कर रहे थे, इस पर सर्वे कंपनी यॉशी के मुख्यालय में बात की गई है। कंपनी ने बताया कि पिछले दिनों शिकायत मिलने के कारण नगर निगम में कंपनी के कर्मचारी को बदल दिया गया था। शीघ्र ही वहां नया कर्मचारी भेजा जाएगा, जिससे यह नोटिस का वितरण व सुधार की कार्रवाई करेगा।
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- देवेंद्र नरवाल, अधिशासी अधिकारी नगर निगम करनाल
किसी को परेशानी नहीं आने दी जाएगी
जो लोग निगम कार्यालय आ रहे हैं, उनकी आपत्तियों का तो निरस्तारण किया ही जा रहा है। नई प्रॉपर्टी आईडी एक अप्रैल से ही लागू होगी। क्योंकि इसमें करीब 21 हजार प्रॉपर्टी आईडी अधिक हैं, जिनसे भी निगम को आय होगी लेकिन किसी भी व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-रेणू बाला गुप्ता, महापौर नगर निगम करनाल
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