करनाल में नगर निगम की मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पक्ष के पार्षदों ने हाउस की बैठक में अपने कडे़ तेवर दिखाए।
इन लोगों ने साफ कहा कि नगर निगम के पास करोड़ों रुपये होने के बावजूद पिछले साढे़ पांच महीने के कार्यकाल में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगाई गई है। नगर निगम की जमीन पर बिना निगम की अनुमति के जन स्वास्थ्य विभाग ने ट्यूबवेल लगा दिया और हाउस में प्रस्ताव लाया गया।
पूरे मामले में सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग ने खास विरोध दर्ज करवाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम राजनीति का शिकार हो रही है। नगर निगम के लिए चुनकर आए जनप्रतिनिधियों को बदनाम कराने के लिए पूरा षड्यंत्र रचा जा रहा है। वे लोग भी चुप बैठने वाले नहीं है।
बुधवार को जिला सचिवालय में नगर निगम हाउस की बुलाई गई बैठक में उपायुक्त की मौजूदगी में मेयर रेनू बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, डिप्टी मेयर मनोज वधवा समेत उनके पक्ष के तमाम पार्षदों ने इस मामले पर नाराजगी जताई। उन लोगों ने कहा कि शहर की सड़कों की कारपेंटिंग कराई जा रही है।
शहर की सड़कों के गड्ढे भरे नहीं जा रहे हैं। हाउस की बैठक में शहर में विकास नहीं होने का मामले गूंजता रहा। बार-बार पार्षद विकास नहीं होने की बात करते रहे। उन लोगों का कहना था कि भले ही छोटे काम हो लेकिन लोगों को राहत देने वाले काम होने चाहिए।
निगम के पास पैसे की कमी नहीं है। उस पैसे को खर्च करने के लिए जो तरीका अपनाया जाता है उस हिसाब से लोगों के लिए काम किया जाना चाहिए। लोगों को नगर निगम के बजट प्रशासनिक अधिकारियों की पावर और पार्षदों के रुतबे से कुछ लेना-देना नहीं।
शहर के लोगों को क्षेत्र के विकास से मतलब है। वे लोग हाउस की पहली बैठक में कह चुके हैं कि पूरे शहर के तमाम बीस वार्डों का बराबर विकास कराया जाएगा। विकास कार्य के लिए किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। शहर के लोगों ने उन्हें वोट दिया है।
वे लोग शहर के लोगों को जातीय, पार्टीबाजी और अन्य ढंग से गुटों में बांटने के पक्षधर नहीं है। उन लोगों को जनता को जवाब देना है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी चाहे जो काम कराएं लेकिन पूरी तरह पारदर्शी और जनहित में होना चाहिए। पार्षदों के माध्यम से भी काम होने चाहिए। ऐसा कतई नहीं होना चाहिए कि मामला नगर निगम का हो और अधिकारी प्रभाव दिखाकर काम करने की बात करें।
ये प्रस्ताव पारित
हाउस की बैठक में 17 प्रस्ताव लाए गए। इनमें शहर मेें स्ट्रीट लाइट लगवाने, 100 नए कर्मचारी लगवाने, गृहकर शाखा की ओर से बकायादारों को नोटिस जारी करवाने, नगर निगम में नागरिक सुविधा केंद्र स्थापित कराने, पशु डेयरी को शहर से बाहर निकालने समेत कई प्रमुख मुद्दे रहे। बैठक में उपायुक्त विकास यादव के साथ सीटीएम जगतार सिंह भी उपस्थित थे।