संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के संयोजन से रविवार को जिले में कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई। जिससे किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। दो दिन और मौसम खराब रहने की संभावना है, क्योंकि एक तरफ धान की बासमती व पीआर ग्रुप किस्मों की कटाई चल रही है। वहीं कुछ किसानों की धान मंडी में है तो कुछ की घरों में रखी है। घर में रखने पर नमी बढ़ने से गुणवत्ता प्रभावित होगी।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र स्थित जिला स्तरीय कृषि मौसम सेवा इकाई के अनुसार पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुसार हिमाचल व उत्तराखंड में बारिश ज्यादा है। उसी के प्रभाव से सोमवार को करनाल जिले में भी कहीं-कहीं ज्यादा बारिश की संभावना है। केंद्र के अध्यक्ष डा. पीके सारस्वत ने बताया कि मंगलवार को भी हल्की या मध्यम बारिश की संभावना रहेगी। पूर्वी हवाओं से सांद्रता बढ़ी है। उसकी वजह से बारिश की संभावना बनती है।
फसलों के लिए नुकसानदायक
इस समय बारिश होने पर बहुत नुकसान हो सकता है। एक तरफ धान की बासमती व पीआर ग्रुप किस्मों की कटाई चल रही है। वहीं कुछ किसानों की धान मंडी में है तो कुछ की घरों में रखी है। घर में रखने पर नमी बढ़ने से गुणवत्ता प्रभावित होगी। मंडियों में खरीदार व आढ़ती मिलर्स उठान में देरी करेंगे। खेत में खड़ी फसल पर यदि ज्यादा समय तक बूंदें पड़ी तो धान के दानों में जमाव का खतरा पैदा होगा। इसके अलावा गोभी, टमाटर व मटर आदि सब्जी की फसलों को भी बारिश से नुकसान पहुंचेगा और सब्जी उत्पादन पर फर्क पड़ेगा।
डा. एसपी तोमर, पूर्व तकनीकी अधिकारी, कृषि विभाग