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गर्भपात की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल में मारा छापा

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रेलवे रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को छापा मारा। आरोप है कि यहां नर्सिंग होम में अवैध तरीके से महिला का गर्भपात करने की कोशिश की जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां मिली महिला को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भेज दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिकायत पुलिस को दी है।
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बताया जा रहा है कि अस्पताल में अवैध तरीके से गर्भपात की सूचना मिली थी, जिस पर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर डॉ. रितु मेहला टीम के साथ पहुंचीं और उन्होंने अस्पताल के मेडिकल स्टोर व अन्य स्थानों पर दवाइयों का स्टॉक चेक किया और कुछ दवाइयों को सील किया है। रितु मेहला ने बताया कि गर्भपात की सूचना पर छापा मारा है। किसी तरह की नशीली दवाइयां व एमटीपी किट नहीं मिली है। फिलहाल जांच की जा रही है।
बुधवार को गर्भपात की शिकायत सिविल सर्जन डॉ. योगेश कुमार को मिली थी। जिसके बाद टीम हरकत में आ गई और पुलिस के साथ अस्पताल में पहुंच गई। गर्भवती महिला के पति आलोक ने बताया कि उसकी पत्नी ढाई माह की गर्भवती थी, उन्होंने पानीपत के अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाया। जिसमें पता चला कि बच्चा गिर चुका है। गर्भवती के पति का कहना है कि उसने घरौंडा के निजी अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड करवाया। जिसने इस निजी अस्पताल में जाकर गर्भपात की सलाह दी। जहां उन्होंने गर्भवती को दर्द वाली गोली दी और बुधवार सुबह आने के लिए कहा। महिला अस्पताल पहुंची और अस्पताल वालों ने उसे एडमिट कर लिया।
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महिला के एडमिट होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और कार्रवाई शुरू कर दी। मंगलवार को भी टीम इस पर निगरानी बनाए हुए थी, लेकिन रंगे हाथों पकड़ने के इंतजार में थे। जब टीम अस्पताल में पहुंची तो टीम ने पाया कि महिला ऑपरेशन थियेटर से लगते कमरे में मौजूद थी और उसको ड्रिप लगाई थी। डिप्टी सर्जन डॉ. सीनू ने बताया कि रेलवे रोड स्थित गोल्डन नर्सिंग होम में एक प्रवासी महिला का गर्भपात करने की कोशिश की जा रही हैं। जिसकी विभाग को शिकायत मिली थी। महिला को ड्रिप लगाई थी। महिला को उपचार के लिए करनाल अस्पताल में भेज दिया है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि गर्भवती व उसके पति के बयान दर्ज किए गए हैं। जिसमें सामने आया है कि वे यहां पर मृत बच्चे की सफाई करवाने पहुंचे थे। उनकी 3500 रुपए में बात हुई थी और उन्होंने 2500 रुपए अस्पताल में जमा करवा दिए थे। अस्पताल की ओटी बिल्डिंग सील कर दी गई है और अस्पताल मालिक के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी जाएगी।
वर्जन
निजी अस्पताल के मालिक प्रीतम शर्मा का कहना है कि उसको जीवन ज्योति अस्पताल की महिला डॉक्टर द्वारा फंसाया जा रहा है। महिला चक्कर खाकर गिर गई थी। जिसको इंसानियत के नाते अस्पताल में ट्रीटमेंट के लिए लाया गया था। सिर्फ महिला को ड्रिप ही लगाई गई थी। महिला ऑपरेशन थियेटर के साथ वाली रूम में एडमिट की थी। न तो कोई दवाई दी गई है न गर्भपात किया गया।
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