फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: सुनवाई के दौरान जेल में बिताए 38 दिन, अदालत ने पर्याप्त सजा मान किया रिहा

Mon, 13 Apr 2026 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतू की एनडीपीएस मामले की फास्ट ट्रैक अदालत ने 15.50 किलो अफीम के हरे पाैधों के साथ पकड़े जुझार सिंह को दोषी करार दिया। जुझार ने सुनवाई के दौरान 38 दिन जेल में बिताए थे। अदालत ने इसे पर्याप्त सजा माना। आरोपी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा करने पर उसे रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन

फैसले के दाैरान न्यायाधीश ने कहा कि दोषी को लंबे समय तक पेशेवर अपराधियों के साथ जेल में रखने से वह अपराध की दुनिया में धकेला जा सकता है जबकि वह सुधार का पात्र है। अदालत के फैसले के अनुसार, 13 मार्च 2022 को पुलिस टीम असंध से बिलौना गांव की ओर गश्त कर रही थी। इसी दाैरान गुप्त सूचना पर बिलाैना गांव निवासी जुझार सिंह को अफीम के हरे पाैधों के साथ पकड़ा गया।
उस पर कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। अदालत के आदेशानुसार, उसे जेल में बंद कर दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी झुझार सिंह ने स्वेच्छा से अपना गुनाह कबूल कर लिया। अदालत ने उसे एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18 के तहत दोषी करार दिया।
विज्ञापन

अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दोषी ने 13 मार्च 2022 से 18 अप्रैल 2022 तक का समय जेल में बिताया है। उसके लिए उतनी सजा ही पर्याप्त है, जो समय उसने जेल में बिताया है। दोषी ने जुर्माने की राशि जमा कर दी। इसके बाद अदालत ने उसे हिरासत से रिहा करने और उसके बेल बॉन्ड को डिस्चार्ज करने का आदेश दिया।
बचाव पक्ष ने की थी नरम रुख अपनाने की अपील
सजा पर बहस के दाैरान बचाव पक्ष ने तर्क रखा कि दोषी एक अनपढ़ किसान है और अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। उसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए उसके प्रति नरम रुख अपनाया जाए।

सरकार की ओर से मामले की पैरवी कर रहे सहायक जिला न्यायवादी ने तर्क रखा कि अपराध गंभीर है और अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि दोषी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें