संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। कस्बे के हथलाना गांव का खेल मैदान बदहाल है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे। मैदान में झाड़ियां उगी हुई हैं। मुख्य द्वार पर लगा लोहे का गेट टूटा पड़ा है। देखरेख के अभाव में खेल परिसर नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। आधा-अधूरा भवन भी जर्जर हो चुका है।
ग्रामीण शमशेर सिंह, कर्ण सिंह, कर्म सिंह, ईश्वर सिंह, संदीप, पाला राम, प्रवीन, महावीर पहलवान, जोगिंद्र, सुभाष, शमशेर सिंह ने बताया कि खेल मैदान करीब आठ साल पहले सात एकड़ में आसपास के 15 गांवों के खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए बनाया गया था। पंचायती राज विभाग की ओर से तैयार किए गए इस खेल परिसर के निर्माण के समय खेल विभाग व पंचायत की ओर से बड़े-बड़े दावे किए गए थे लेकिन धरातल पर ये नहीं दिखे। ऊबड़-खाबड़ खेल मैदान में बेसहारा पशुओं का दिनभर बसेरा रहता है। शाम होते ही नशेड़ी मैदान में डेरा जमा लेते हैं।
बजट के अभाव में निर्माण कार्य अधूरा
हथलाना का खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य काफी समय से रुका पड़ा है। इंडोर भवन के पिलर, छत व दीवारें तैयार हैं। दीवारों पर प्लास्टर नहीं किया गया है। सरपंच ईश्वर सिंह का कहना है कि उन्होंने इस बारे में जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की लेकिन बजट के अभाव में निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। दर्शक दीर्घा अधूरी छोड़ दी गई है।
हथलाना से हैं कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
सरपंच का कहना है कि हथलाना गांव ने देश व प्रदेश का नाम रोशन करने वाले कबड्डी के खिलाड़ी महावीर सिंह, पाला राम, संदीप सुनहरा राम, राजकुमार सहित अन्य खिलाड़ी दिए हैं। खेल मैदान सही न होने से खिलाडियों में रोष पनप रहा है।