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हरियाणा में विरला उदाहरण पेश किया सिरसी गांव की महिला सरपंच ने

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बेटियां भी किसी से कम नहीं। राजनीतिक, शिक्षा या प्रशासनिक क्षेत्र हो, हरियाणा की बेटियों ने निडरता के साथ हर क्षेत्र में देश में अपनी विशेष पहचान बनाई है। इन्हीं में से एक हैं करनाल जिले के सिरसी गांव की महिला सरपंच आशना। वह दबंगों के आगे अड़ गईं और गांव की 105 एकड़ पंचायती कृषि भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया। इस गांव में करीब 225 एकड़ में से पंचायत के पास केवल 30 एकड़ जमीन रह गई थी। इसकी आमदनी से ही गांव में विकास कार्य करवाए जा सकते थे। शेष जमीन पर अवैध कब्जे थे। सरपंच ने बीडीपीओ, उपायुक्त न्यायालय, सिविल न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय तक जंग लड़ी और जमीन को कब्जा मुक्त करवाकर छोड़ा। अभी भी करीब 90 एकड़ जमीन पर न्यायालय में मामले विचाराधीन हैं। हरियाणा में वह पहली महिला सरपंच हैं, जिन्होंने पंचायती जमीन को खाली करवाकर मिसाल कायम करके दिखाई है।
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कैथल शहर निवासी आशना की शादी वर्ष 2014 में सिरसी गांव के सुमित कुमार के साथ हुई। आशना के भाई मनीष कथवाड़ कैथल में जिला परिषद चेयरमैन हैं। वर्ष 2016 में आशना ने सिरसी गांव में सरपंच पद का चुनाव लड़ा। चार उम्मीदवार चुनाव मैदान में थी। 700 वोट पोल हुए। उन्हें 357 वोट मिले और वह 157 मतों से विजयी हुईं। महिला सरपंच के सिर पर सरपंची का ताज आते ही उन्होंने पंचायती जमीन को कब्जा मुक्त करने की ठानी। जो मामले न्यायालयों में विचाराधीन थे और इसके अलावा अन्य केस दायर किए तथा मजबूती के साथ पैरवी की। जो जमीन कब्जा मुक्त हुई है उसकी आमदनी से गांव में विकास कार्य करवा रही हैं। यह जमीनें 15 से 25 साल तक कब्जाधारियों के अधीन थी।
ईमानदारी से घुमाया विकास का पहिया
आशना ने सरपंच बनते ही गांव में विकास का पहिया घुमाया। पंचायत के पैसे का सदुपयोग किया। दो एकड़ में ओपन जिम और पार्क बनवाया। पांच एकड़ में स्टेडियम बनवाया। गांव के चारों ओर 33 फुट चौड़ी फिरनी को पक्का करवाया। 15 साल से जो नालियां लंबित थी उनका निर्माण करवाया। सभी जातियों की चौपाल और सार्वजनिक भवन का निर्माण करवाया। गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा के पाठ्यक्रम को दीवारों पर अंकित करवाया। उनके कार्यकाल से पहले गांव में पेयजल सप्लाई के लिए एक ट्यूबवेल था जो लगभग कंडम हो चुका था। उसकी जगह करीब 25 लख की लागत से नया ट्यूबवेल लगवाकर पेयजल की व्यवस्था करवाई। नई पेयजल पाइपलाइन डलवाकर हर घर तक पानी पहुंचाया। गांव में सोलर और बिजली की लाइटें लगवाई। गांव का शानदार प्रवेश द्वार बनवाया है। गांव के रास्ते पर सजावटी पौधे लगाए हैं। उनका इरादा भविष्य में गांव में बैंक्वेट हाल बनवाना तथा एक एकड़ में झील का निर्माण करवाना है। जिसमें म्यूजिक फव्वारे तक लगवाएंगी। झील में ग्रामीणों के अलावा पर्यटक भी आ सकेंगे।
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