आरपीटीओ को संचालित करने वाली दृष्या के चेयरमैन सीएम मनोहर लाल हैं, जबकि भारतीय नौ सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी, विंग कमांडर गिरिराज पूनिया को इसका सीईओ बनाया गया है। आईएएस टीएल सत्यप्रकाश को इसका प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
क्या है पात्रता
ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण लेने के लिए युवाओं को मैट्रिक पास होना आवश्यक है। इसके लिए उसके पास आधार कार्ड, पास पोर्ट हो। साथ ही उसकी उम्र 18 से 65 साल के मध्य होनी चाहिए। इच्छुक युवाओं को आरपीटीओ में पंजीकरण कराना होगा।
कृषि क्षेत्र में खाद से लेकर कीटनाशक छिड़काव में लगातार ड्रोन की मांग बढ़ रही है। इसके अलावा टेली कम्युनिकेशन क्षेत्र, खनन क्षेत्र, नेशनल हाईवे और स्वास्थ्य सेवाओं में ड्रोन का उपयोग बढ़ रहा है। जिसके कारण इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित ड्रोन पायलट की मांग भी बढ़ती जा रही है।
अधिकारी के अनुसार
अभी पांच दिन के विशेष प्रशिक्षण की कार्ययोजना बनाकर सरकार को भेजी गई है। साथ ही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (आईजीआरयूए) की ओर से निर्धारित फीस 65 हजार (जीएसटी अतिरिक्त) है, लेकिन इससे कम करके 25 हजार रुपये की फीस का प्रस्ताव तैयार करके सरकार को भेजा है। जल्द सरकार से अनुमोदन मिल जाएगा। उसी के हिसाब से फीस तय व प्रशिक्षण दिवस निर्धारित कर दिए जाएंगे। - डॉ. सतेंद्र कुमार यादव, उपनिदेशक (बागवानी) एवं ड्रोन प्रशिक्षक ।