कर्ण नगरी के होनहार हरप्रीत ने ग्लासगो में चर रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में
पिस्टल के 25 मीटर रैपिड फायर में सिल्वर पदक जीतकर धाक जमाई। मंगलवार को
सेक्टर छह स्थित हरप्रीत के घर में खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
लाड़ले की जीत
पर बधाई देने के लिए घर पर लोगों का तांता लग गया। सेक्टरवासियों ने उनको
बधाई दी और मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। मां अमरजीत कौर ने बेटे की जीत पर
वाहेगुरु का शुक्राना किया। हरप्रीत सिंह वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित
कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग में दो गोल्ड जीत चुके हैं।
हरप्रीत सिंह नैवी
में कार्यरत हैं। शांत स्वभाव के हरप्रीत सिंह की पड़ोसी भी तारीफ करते
नहीं थकते।
हरप्रीत सिंह की मां अमरजीत कौर का कहना है कि बेटे की यह
उपलब्धि वाहेगुरु की देन है। हरप्रीत सिंह से फोन पर बात हो चुकी है।
वाहेगुरु की कृपा से आज वह बहुत खुश है। हरप्रीत सिंह के नाना-नानी ने भी
लाड़ले की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि हरप्रीत सिंह वर्ष 2010 से
पहले चंडीगढ़ में कोचिंग लेते रहे हैं। दिल्ली में उन्होंने अभ्यास किया।
इसके बलबूते पर उन्होंने सिल्वर पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
लौटने पर लाड़ले को करेंगे सम्मानित
करनाल।
हरप्रीत की इस उपलब्धि पर जहां उनकी माता अमरजीत कौर और मामा सुखविंद्र
सिंह सहित परिवार के सभी सदस्य उत्साहित हैं, वहीं शहर में भी उन्हें बधाई
देने का सिलसिला शुरू हो गया है। हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष
त्रिलोचन सिंह ने हरप्रीत की उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरव का क्षण
बताया।
निफा अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नु ने कहा कि हरप्रीत ने जिंदगी में
विभिन्न समस्याओं का सामना करते हुए अपनी पहचान बनाई है, जिसके लिए हम सबको
उस पर गर्व है। निफा संयोजक एडवोकेट नरेश बराना, शिरोमणि गतका फेडरेशन ऑफ
इंडिया के प्रधान गुरतेज सिंह खालसा, दून इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक
कुलजिंद्र मोहन सिंह बाठ, करनाल व्यापार मंडल के प्रधान जेआर कालड़ा,
हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष रूप नारायण चानना ने हरप्रीत
को बधाई दी है और लौटने पर उनका सम्मान करने की बात कही।