करनाल। कथा व्यास आशीष महाराज का कहना है कि शिव महापुराण कथा सुनने से मिलने वाला फल अश्वमेध यज्ञ के समान ही फलदायी और पवित्र होता है। उन्होंने कहा कि हर-हर महादेव तभी होगा, जब घर-घर में महादेव होगा।
जुंडला गेट के बजरंग सेवा कुंज में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में उन्होंने कहा कि हजारों जन्मों के प्राण उदय होने के बाद शिव पुराण कथा सुनने को मिलती है। श्रीराम की कृपा के बिना कुछ नहीं हो सकता, अगर ये समझें कि किसी ने हमें न्योता दिया था, हम तभी कथा में आए हैं ताे ये सोचना गलत होगा, स्वयं भोले बाबा ने आपको कथा श्रवण करने का न्योता दिया है।
उन्होंने कहा कि पुराणों में श्री शिव महापुराण कथा का चौथा नंबर आता है। कलियुग में भक्ति बढ़ रही है। हर तीर्थस्थल पर भारी भीड़ देखी जा रही है। कलियुग में अभिमान और क्रोध अधिक बढ़ रहा है। भक्ति के साथ विवेक का होना भी जरूरी है और विवेक जब आएगा जब ज्ञान होगा। उन्होंने बताया कि शिव महापुराण में 24 हजार श्लोक है। कथा में गायक मोहिंद्र कुमार ने भजन प्रस्तुत किए।