न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव डेरा संजय नगर में विवादित जमीन को कब्जाधारियों से मुक्त करवाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध मकानों को जेसीबी से गिरा दिया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया था।
ज्ञात रहे कि गांव बरसत निवासी रमेश कुमार ने कोर्ट में अपनी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा करने का याचिका दायर की गई थी। इसको लेकर न्यायालय ने याचिका कर्ता की जमीन को अवैध कब्जाधारियों से मुक्त करवाने के लिए 16 नवंबर 2015 की तिथि निर्धारित की थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने झगड़ा होने की आशंका जताते हुए पुलिस सहायता की मांग की थी, लेकिन समय पर सहायता न मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद कोर्ट ने 3 दिसंबर, 2015, 2 फरवरी 2016, 4 जुलाई 2016 की तिथि निर्धारित की, लेकिन पुलिस सहायता न मिलने के कारण दखल कार्रवाई नहीं की जा सकी। इसको लेकर न्यायालय ने नाराजगी जताई थी। इसके पश्चात 1 अगस्त 2016 को कोर्ट की ओर से आदेश जारी किए गए, लेकिन फिर से पुलिस सहायता न मिलना अधिकारियों के लिए परेशानी खड़ी कर गया और एक बार फिर मामला अगली तारीख पर चला गया। इसके बाद गत 22 अगस्त कार्रवाई के लिए निश्चित की गई। इसको लेकर तहसीलदार ने थाना प्रबंधक से पुलिस सहायता की मांग की थी।
शुक्रवार को न्यायालय के आदेश पर तहसीलदार रमेश सिंगला, नायब तहसीलदार इंद्र सिंह, थाना प्रभारी कर्मबीर सिंह अन्य अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ डेरा सिकलीगर पहुंचे और जेसीबी की सहायता से अवैध मकानों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। प्रशासन का पंजा चलते देख आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। हालांकि, प्रशासन की कार्रवाई का कुछ मकान मालिकों ने विरोध भी जताया, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मकान मालिक कुछ न कर सके और प्रशासन ने बिना किसी परेशानी के अवैध कब्जाधारियों को हटाया।
तहसीलदार रमेश सिंगला ने बताया कि गांव बरसत निवासी भगवानदास के पुत्र रमेश कुमार ने कोर्ट में अपनी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा करने का याचिका दायर की थी। कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को अवैध कब्जा हटवाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और जमीन को कब्जा मुक्त करवाया।