करनाल के रेलवे स्टेशन करनाल के समीप चालक की लापरवाही से शनिवार अलसुबह एक मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया। बैक में स्पीड अधिक होने के कारण पटरी भी उखड़ गई और एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इंजन पटरी से उतरने की सूचना पर रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट की। अलसुबह करीब साढ़े तीन बजे पटरी से उतरा इंजन दोपहर दो बजे पटरी पर चढ़ाया गया। करीब ग्यारह घंटे तक दर्जनों कर्मचारी पटरी पर कार्य करते रहे। स्टेशन मास्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि चालक श्रीकृष्ण की लापरवाही से इंजन पटरी से उतरा है। चालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए मुख्यालय रिपोर्ट भेज दी गई है। यार्ड में लगाने के दौरान हादसा होने के कारण अन्य ट्रेनों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। रेलवे स्टेशन से दिल्ली की साइड में मालगाड़ी में माल लोड करने के लिए यार्ड में लगाया जा रहा था। स्पीड अधिक होने के कारण चालक श्रीकृष्ण ने बैक करते हुए पटरी उखाड़ते हुए इंजन नीचे उतार दिया। यह लापरवाही चालक सहित अधिकारियों की भी है, जो चालक के भरोसे छोड़कर अन्य जगह व्यस्त रहते हैं। रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि अलसुबह होने के कारण लोगों की भीड़ नहीं थी। यदि यह हादसा दिन में होता है तो जान माल की हानि हो सकती थी। जिस वक्त हादसा हुआ उस दौरान माल ढुलाई वाले मजदूर भी नजदीक नहीं थे। ड्राइवर और अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह हादसा बड़ा हो जाता, परंतु जब इंजन मालगाड़ी को पीछे माल उतारने के लिए दूसरी लाइन पर जा रहा था अचानक तेज गति इंजन में जोरदार धमाका हुआ। हादसा इसलिए टल गया कि उस वक्त कोई भी आदमी ट्रैक के पास नहीं था। इस घटना से बचने के लिए अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। रेलवे अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर बताया कि यह एक आम घटना है।
मालगाड़ी खाली होने के कारण टला हादसा रेलवे यार्ड के इंचार्ज अरविंदर सिंह ने बताया कि जब मालगाड़ी को माल उतारने के लिए दूसरे ट्रैक पर लाया जा रहा था तो अचानक इंजन उतर गया। मालगाड़ी लोड नहीं थी। खाली गाड़ी होने के कारण भी हादसा टल गया। इस गाड़ी को यहां से लोड होकर झांसी के लिए रवाना करना था।
रेलवे यार्ड में लगाने के दौरान पटरी से इंजन नीचे उतरा है। इसमें चालक की लापरवाही सामने आई है। मौके का मुआयना कर चालक श्रीकृष्ण के खिलाफ रिपोर्ट कर दी है। मालगाड़ी को करनाल से ही लोड किया जाना था। इस हादसे से अन्य गाड़ियों पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा। - वीरेंद्र कुमार, स्टेशन मास्टर, करनाल।