- शहर के पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में चार वर्षीय कोर्स हो शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अब अध्यापक बनने के लिए विद्यार्थियों को बीए के साथ अलग से बीएड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए नए सत्र में पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में इंटिग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम, चार साल का कोर्स शुरू किया जाएगा। इसमें विद्यार्थी बीए के साथ बीएड की पढ़ाई भी कर सकेंगे। यह कोर्स जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान डाइट और पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जाएगा। इसमें दोनों संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को संसाधन, लाइब्रेरी लैब और पढ़ाने की सुविधाएं संयुक्त रूप से दी जाएंगी।
यह कोर्स अगले सत्र से शुरू किया जा सकता है। कोर्स उच्चतर शिक्षा विभाग व शिक्षा विभाग की देखरेख में चलेगा। 12वीं के बाद विद्यार्थी बीए कर सकते हैं। उसके बाद बीएड होता है। ऐसे ही विद्यार्थी 12वीं के बाद यह चार साल का इंटीग्रेटेड कोर्स कर सकेंगे। विद्यार्थियों को चार साल में ही बीए व बीएड की तरह डिग्री मिलेगी। सरकार की ओर से डाइट को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आईटीईपी के तहत चार साल का कोर्स शुरू करने के लिए एनसीटीई को ऑनलाइन प्रस्ताव करने के लिए मंजूरी मिल गई है। करनाल जिले में यह कोर्स पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय व डाइट शाहपुर के संयुक्त तत्वाधान में चलाया जाएगा। इस कोर्स के लिए पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय कॉलेज में कक्षाएं लगेंगी। राजकीय कॉलेज व डाइट शाहपुर से प्रोफेसर कोर्स को पढ़ाएंगे।
वर्जन
यह कोर्स पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-14 व डाइट शाहपुर के अंतर्गत संयुक्त रूप से चलाया जाएगा। इस कोर्स के तहत पंडित चिरंजीलाल शर्मा कॉलेज में कक्षाएं लगेंगी। डाइट से प्रोफेसर को पढ़ाने के लिए कॉलेज में भेजा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को बीए व बीएड की चार साल की डिग्री मिल सकेगी। अभी कोर्स को चलाने की प्रक्रिया चल रही है।
- डॉ. रेखा त्यागी, प्रिंसिपल, पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय