सरकार ने पुुरानी परिवहन पॉलिसी को खारिज करते हुए नई परिवहन नीति 2017 जारी की है। जोकि 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी। नई पॉलिसी के हिसाब से जिले में 20 रूटों पर प्राइवेट बसों के परमिट दिए जाएंगे। पुरानी परिवहन पॉलिसी में काफी खामियां होने के कारण लोगों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थी। इसी को देखते हुए सरकार ने पुरानी पॉलिसी को खारिज करते हुए नई पॉलिसी को लागू किया है। इस पॉलिसी के मुताबिक कोई भी रजिस्ट्रड सहकारी समिति परमिट के लिए अप्लाई कर सकती है। जिले में बसों का नया परमिट मिलने के बाद लोगों की सुविधाएं बढ़ जाएंगी।
पुरानी पॉलिसी में कई रूटों पर बसें नहीं थी और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों को बसों की बजाय अन्य वाहनों की सहायता से जाना पड़ता था। नई पॉलिसी के हिसाब से बस चलने के बाद दैनिक यात्रियों को काफी फायदा होगा। 25 फरवरी 2016 को कैबिनेट की बैठक में मांग के हिसाब से नई परिवहन पॉलिसी पास हुई थी। इसके बाद इसे लागू नहीं किया गया था। सरकार ने नई पॉलिसी को एक अप्रैल 2017 से लागू करने का फैसला लिया है। परिवहन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी एसएस ढिल्लों ने नई परिवहन नीति का नोटिस जारी किया है। परमिट लेने के लिए सहकारी परिवहन समिति को दोबारा से अप्लाई करना होगा। विभाग की शर्तो को पूरा करने वाली समिति को विभाग द्वारा परमिट जारी कर दिया जाएगा। जबकि नई पॉलिसी में शहरी बस सेवा में कोई परमिट नहीं दिया गया। शहरी बस सेवा 2004 की पॉलिसी के अनुसार ही रहेगी।
1 अप्रैल तक पुराने रूटों पर दौड़ेंगी प्राइवेट बसें
2013 में बनी परिवहन पॉलिसी के हिसाब से जिले में 73 प्राइवेट बसें दौड़ रही है। फिलहाल जिले में 19 रूटों पर प्राइवेट बसें है। सरकार की ओर से जारी एक पत्र के मुताबिक सरकार ने पुरानी परिवहन पॉलिसी को खारिज करते हुए जिले में 20 रूटों पर परमिट देने का फैसला लिया है। नई पॉलिसी के हिसाब से 1 अप्रैल से प्राइवेट बसें रूटों पर चलेंगी। जबकि 1 अप्रैल तक बसें पुराने परमिट के हिसाब से ही चलती रहेंगी।
सरकारी बसों की संख्या कम, प्राइवेट पर दिया जा रहा जोर
जिले में रोडवेज बेड़े में इस समय 179 बसे ही रूटों पर दौड़ रही है। जिले की आबादी को देखते हुए बसों की संख्या काफी कम है। वहीं इन बसों में भी कई ऐसी है जोकि कई बार खराब हो जाती है। जिले में रोडवेज में 240 बसों की जरूरत है। इसी को देखते हुए रोडवेज अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को नई बसों की मांग को लेकर पत्र भी लिखा हुआ है। परंतु सरकारी बसें डिपों में भेजने की बजाए सरकार प्राइवेट बसों को परमिट जारी कर रही है। इससे विभाग के कर्मचारियों में भी काफी रोष है।
इन रूटों पर मिलेगा नया परमिट
1. करनाल से जठलाना वाया घीड़, गढी बीरबल, गुमथला।
2. करनाल से रादौरा वाया समौरा, इंद्री लाडवा।
3. करनाल से मंगलौरा पुल वाया शेखपुरा, नगला मेघा चौक।
4. नीलोखेड़ी से पेहवा वाया निगदू , कौल, ढांड, बुढेहड़ा।
5. करनाल से ढांड वाया काछवा, सीतामाई, कौल।
6. करनाल से बरास वाया निसिंग।
7. करनाल से असंध वाया चिड़ाव मोड़, जुंडला, जलमाना।
8. करनाल से पूंडरी वाया मंजूरा निसंग, रसीना।
9. निगदू से करनाल वाया नीलोखेड़ी, तरावड़ी।
10. करनाल से शाहबाद वाया नीलोखेड़ी, पीपली।
11. असंध से कैथल वाया राजौंद, जखोली, तितरम मोड।
12 असंध से पानीपत वाया सालवन, बल्ला, मुनक पुल, कोहंड।
13 असंध से पानीपत वाया सफीदों, मतलोडा।
14. इंद्री से पेहवा वाया भादसों, पीपली, कुरुक्षेत्र ज्योतिसर।
15. करनाल से उमरी चौक वाया रमाना, झंझाड़ी।
16. करनाल से उमरी चौक वाया झंझाड़ी, सोल्हो।
17. करनाल से मंगलौरा पुल वाया शेखपुरा।
18. कुंजपुरा से निसिंग वाया करनाल।
19. करनाल से उमरी चौक वाया नदाना।
20. करनाल से बैरसाल वाया नीलोखेड़ी।
खामियों के कारण पुरानी नीति को किया खारिज
पुरानी पॉलिसी में काफी खामियां होने के कारण लोगों ने आपत्तियां दर्ज करवाई थी। इसी को देखते हुए सरकार ने पुरानी परिवहन नीति को खारिज करके नई परिवहन नीति 2016 को 1 अप्रैल 2017 से लागू करने का फैसला लिया है। रजिस्ट्रड सहकारी समितियां नए परमिट के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
- प्रधुमन सिंह, आरटीए सचिव, परिवहन विभाग, करनाल