आस्ट्रेलिया में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर दोस्तों ने ही 12.50 लाख रुपये ठग लिए। यही नहीं फर्जी वीजा थमा कर इंडोनेशिया भेज दिया। जांच में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर पीड़ित को जेल भी जाना पड़ा। पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर असंध थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है। इनमें जींद के दो, अंबाला व पानीपत से एक-एक आरोपी शामिल हैं।
गांव रिसावला निवासी मुनीम ने बताया कि उसके भाई हरदीप के साथ दीपक, अनूप व गुरमीत ने एक ही स्कूल में पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद तीनों का घर आना-जाना रहा। अप्रैल 2018 में उन्होंने हरदीप को बताया कि उन्होंने लोगों का वर्क वीजा, टूरिस्ट वीजा, स्टूडेंट वीजा लगवाने का काम शुरू किया है। उसे भी आस्ट्रेलिया में नौकरी लगवा देंगे। इससे उनकी लाइफ सेट हो जाएगी और पूरे परिवार की जिंदगी बदल जाएगी। बदले में 12.50 लाख रुपये की डिमांड की। विश्वास जताते हुए 12.50 लाख रुपये दे दिये। इसमें आस्ट्रेलिया का वर्क वीजा, टिकट, आस्ट्रेलिया में रहने की सुविधा उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। 14 मार्च 2019 को उन्होंने उसके भाई हरदीप को दिल्ली से इंडोनेशिया भेज दिया। जब परिजनों ने इस पर एतराज किया तो उन्हें बताया कि हरदीप को इंडोनेशिया के बाद सिडनी आस्ट्रेलिया भेजेंगे। हरदीप जब इंडोनेशिया एयरपोर्ट पर पहुंचा तो जांच के दौरान उसको दिया गया आस्ट्रेलिया का वीजा फर्जी निकला। इस कारण उसके भाई को इंडोनेशिया में जेल हो गयी। दो महीने बाद घर वापस आने पर उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया। पैसे वापस लेने के लिए बार-बार गए और तीन-चार बार बिरादरी की पंचायत भी की, लेकिन आरोपियों ने 12,50,500 रुपये वापस देने की बजाए जान से मारने की धमकी दी। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर गांव भूसलाना जिला जींद निवासी दीपक, गुरमीत, गांव नौल्था जिला पानीपत निवासी अनूप, गांव बुननी जिला अंबाला निवासी हर्षदीप के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।