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सेल्स टैक्स विभाग ने 14 माह में बिना ई-वे बिल के 587 वाहनों से वसूला मात्र 5.51 करोड़ जुर्माना

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नेशनल हाईवे से गुजरने वाले व्यावसायिक वाहनों से सेल्स टैक्स विभाग किस प्रकार भ्रष्टाचार का खुला खेल खेलता है, इसको लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। विभाग की 14 माह की कार्यप्रणाली की बात करें तो 587 ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की, जिनके पास या तो ई वे बिल नहीं था या फिर वे नियमों के खिलाफ चल रहे थे। इसके बदले विभाग में मात्र 5.51 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। इसके विपरीत एनएचएआई की बात करें तो नेशनल हाईवे पर प्रति मिनट में औसतन दस कामर्शियल वाहन गुजरते हैं और पूरे दिन की बात करें तो करीब 14 हजार वाहन यहां से निकलते हैं। ऐसे में इन आंकड़ों का मिलान किया जाए तो विभाग औसतन रोजाना एक या दो ही गाड़ी को कागजों में पकड़ता है। सवाल यह है कि क्या ये संभव है कि पूरा विभाग पूरे दिन में मात्र एक या दो ही गाड़ी को पकड़ता है। हकीकत यह है कि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसे वाहनों को मोटी रकम लेकर गलत तरीके से निकाला जाता है। ईटीओ और ट्रांसपोर्टर की वायरल हुई ऑडियो रिकार्डिंग में यह खुलासा हो चुका है। ऐसे में अगर छोड़ी गई गाड़ियों के हिसाब से राशि का अनुमान लगाया जाए तो एकत्रित टैक्स से कई गुना तो अधिकारी रिश्वत ले चुके हैं।
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अप्रैल, 2018 से मई 2019 तक महज 587 ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की गई, यानी औसतन रोजाना एक या दो वाहन। जबकि नेशनल हाईवे-44 पर प्रति मिनट औसतन 10 कामर्शियल वाहन गुजरते हैं। यहां हम उस एनएच से गुजरने वाले वाहनों को ले रहे हैं जो दिल्ली से अमृतसर तक जाता है। बिना टैक्स भरे दौड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की संख्या बहुत कम है। जबकि ट्रांसपोर्टरों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकारियों का ई-वे बिल की बजाय किस गाड़ी से मंथली जमा हुई और किससे नहीं, इन्हें पकड़ने पर ज्यादा ध्यान रहता है।
प्रति गाड़ी दो लाख वसूली, मतलब करोड़ों में भ्रष्टाचार
करनाल कराधान विभाग के अधिकारियों का गाड़ी निकालने के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार का एक साथ कई ऑडियो वायरल होने के बाद खुलासा हुआ है। इनसे भी ऑडियो में प्रति गाड़ी दो से तीन लाख रुपये तक की वसूली की बात की जा रही है। यानी जांच के दौरान औसतन दो गाड़ियों पर कार्रवाई व दो गाड़ियों से वसूली भी होती हो तो 587 गाड़ियों से करीब 11 करोड़ 74 लाख रुपये का भ्रष्टाचार का अंदेशा है, जबकि इतनी गाड़ियों पर कार्रवाई के दौरान टैक्स और जुर्माने के रूप में महज 5 करोड़ 51 लाख 85 हजार 688 रुपये ही वसूला गया।
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एक ई-वे बिल पर कई चक्कर लगाने का भी मामला आया सामने
कुछ माह पूर्व एक ई-वे बिल पर गाड़ी के दिन में कई चक्कर लगाने का एक फर्जीवाड़ा भी सामने आया था। एडवोकेट राजेश का कहना है कि ऐसा भी अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। या तो अधिकारी रूटीन में ढंग से जांच नहीं करते या फिर उन्हें अधिकारियों का ही सह मिला है। अगर सख्ती से जांच हो तो ऐसा नहीं हो सकता।
इस माह इतने हुए चालान
माह केस टैक्स, पैनेल्टी
अप्रैल 70 7276503
मई 73 6559946
जून 60 4575917
जुलाई 62 4174778
अगस्त 49 9634095
सितंबर 52 3272919
अक्तूबर 40 3613376
नवंबर 17 1541104
दिसंबर 36 3993495
जनवरी 31 295128
फरवरी 23 3016851
मार्च 20 1561424
अप्रैल 31 3796154
मई 23 1873998
कुल 587 55185688
विभाग चेकिंग गंभीरता के साथ कर रहा है। ट्रांसपोर्टरों को अगर कोई नाजायज रूप से तंग करता है या फिर पैसे की मांग करता है तो उसकी शिकायत मुझसे करें। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - विद्या सागर, एडिशनल कमिश्नर, सेल्स टैक्स विभाग।
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