फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: भ्रष्टाचार के खिलाफ आप के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने सीएम आवास पर किया कूच, पुलिस ने रोका तो फेंके रुपये और उपले

Sun, 20 Mar 2022 10:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)

सार

हरियाणा के करनाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ आप के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने अपने समर्थकों सहित सीएम आवास कूच का प्रयास किया। उन्हें पुलिस ने रोका तो पुलिस कर्मियों पर उपले और पैसे फेंक दिए। इस दौरान एक पुलिसकर्मी को चोट लगी।
विज्ञापन
सीएम निवास के पास पुलिस के बैरिगेड्स को देख उपले और रुपए फैंकते नवीन जय हिंद के समर्थक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के करनाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने रविवार को अपने समर्थकों सहित सीएम आवास कूच का प्रयास किया। उपले और पैसे लेकर प्रदर्शनकारी कैथल रोड स्थित रेलवे पुल के नीचे एकत्रित हुए। यहां से जुलूस के रूप में बाइक जुगाड़ पर सवार होकर प्रेम नगर स्थित सीएम आवास की ओर बढ़े तो पुलिस ने रास्ते में ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया।

विज्ञापन


सीएम आवास पर फेंकने के लिए लाए गोबर के उपले और पैसे समर्थकों ने पुलिस पर फेंके। जिससे एक पुलिस कर्मी की नाक पर उपला लगने से चोट लग गई। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर वे वापस लौट गए। इस दौरान पुतला भी फूंका। 

विज्ञापन


नवीन जयहिंद का आरोप है कि उन्होंने झोटा बुग्गी पर सवार होकर प्रदर्शन करना था। लेकिन पुलिस ने चार झोटा बुग्गी को रेलवे पुल के नीचे पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया। उन्होंने सरकार और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार की जानकारी में होने के बाद करनाल में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है।

विज्ञापन


डीटीपी और तहसीलदार रिश्वतकांड मामले में उन्होंने मांग की कि रिश्वतकांड के अलावा आईएएस अधिकारियों, सभी उच्चस्तरीय अधिकारियों और नेताओं की संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए। मौके पर सोयब आलम, अनूप संधू, बलबीर नरवाल, विनोद इसराना, अनिल हिंदुस्तानी, जिले सिंह, सुरेश कक्कड़ और संदीप मौजूद रहे। 


घोटाला करने वाले बड़े नाम सामने लाए 
नवीन जयहिंद ने कहा कि करनाल में कौन बनेगा करोड़पति का खेल चल रहा है। घोटाला पिछले सात साल में हुआ है। एक तहसीलदार की प्रॉपर्टी करोड़ों रुपये की निकली है। नेताओं की इससे ज्यादा होगी। उन्होंने कहा कि मामले में छोटे लोगों की ही नहीं बल्कि घोटाला करने वाले बड़े नामों को भी सार्वजनिक करना चाहिए। जिनके घर डीटीपी की वजह से तोड़े गए हैं उन गरीब लोगों के घर बनने चाहिए। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें