संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नगर निगम के एसई दीपक किग्गर रिश्वत मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। नगर निगम से प्राप्त 623 फाइलों की जांच पुलिस को करनी है, ताकि पता चल सके कि इन फाइलों में कितने करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए हैं और एसई दीपक ने आधे पैसे के हिसाब से कितनी रिश्वत ली है। यह भी पता चल सके कि किन-किन ठेकेदारों ने एसई को रिश्वत दी है।
दूसरी ओर पुलिस ने एसई दीपक किग्गर का मोबाइल व हार्ड डिस्क जिसमें वीडियो थी, उसे डाटा रिकवर के लिए एफएसएल में भेजा है। 32 वीडियो की जांच के बाद एडीसी की रिपोर्ट पर एसई दीपक किग्गर और उनके पीए विकास शर्मा के खिलाफ सिविल लाइन थाने में 15 मार्च को मामला दर्ज किया गया था। फिर 16 मार्च को पीए विकास शर्मा को गिरफ्तार किया गया। 24 मार्च को एसई दीपक को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। 25 मार्च को पुलिस ने एसई दीपक को पांच दिन के रिमांड लिया था। इस दौरान यह खुलासा हुआ कि एसई दीपक किग्गर विदेश जाने की तैयारी में था। पुलिस ने दो अलग-अलग जगहों से एसई से 17 लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस की ओर से एसई दीपक किग्गर के बैंक खाते में जमा करीब दो करोड़ रुपये और उनकी अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल एसई दीपक किग्गर जेल में है।
इस मामले की गहनता से और जल्द जांच करने के लिए एसपी द्वारा एसआईटी का गठन किया गया है। नगर निगम से प्राप्त 623 फाइलों की जांच करनी है, ताकि सभी साक्ष्य जुटाए जा सकें।
मुकेश कुमार, डीएसपी करनाल