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Karnal News: पराली जलाने पर रोक के लिए इंद्री के 22 गांवों में फ्लैग मार्च

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। फसल कटाई के बाद पराली में आग लगाने की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है। शनिवार को खंड इंद्री के 22 गांवों में फ्लैग मार्च निकाला गया।
कृषि अधिकारियों ने इंद्री के जनेसरो, खेड़ी मान सिंह, भादसो, गोरगढ़, गुमटो, ब्याना, सरवन माजरा, उड़ाना, कलसौरा, बदरपुर, गढ़ी जाटान, फूसगढ़, गढ़पुर टापू, चंद्राव, हंसु माजरा, खुखनी, कलरी, शेरगढ़, नन्दी भोजी, खेड़ा, नन्हेड़ा, गढ़पुर खालसा गांवों का दौरा किया।
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फ्लैग मार्च में गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक करनाल सुनील कुमार, खंड कृषि अधिकारी इंद्री अश्वनी कुमार, एसएचओ इंद्री, कृषि विकास अधिकारी सचिन कुमार, ब्याना चौकी इंचार्ज व कृषि विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाने की अपील की। पराली में आग लगाने की बजाय उसे आय का साधन बनाने के बारे में बताया।






इस दौरान सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के बिना धान कटाई कर रही दो कंबाइन हार्वेस्टर्स को जब्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के अनुसार बिना इस सिस्टम के किसी भी कंबाइन हार्वेस्टर को धान की कटाई की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक सुनील कुमार ने कहा कि पराली जलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पराली जलाना न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी घटाता है। प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य बीमारियां होती हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर पराली का निपटान करें या उसकी गांठें बनाकर बिक्री करें।
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