माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हत्या के प्रयास में गोली चलाने के एक आरोपी को अदालत ने पांच साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। तमाम प्राइवेट गवाहों के मुकर जाने के बावजूद पुलिस की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर एडीजे विवेक गोयल की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। जिसमें डेरा सिंघड़ा वासी सुखविंद्र सिंह उर्फ सूखा को दोषी करार दिया गया। खास बात यह है कि मामले में घायल के शरीर में मिली गोली और एफएसएल रिपोर्ट ने अहम पहलू रही।
जिला उप न्यायवादी अमन कौशिक व केस से जुड़े एडवोकेट एसके चौधरी ने बताया कि सांभली वासी बलविन्द्र कौर की शादी फरवरी 1999 में सुखविन्द्र सिंह उर्फ सूखा वासी डेरा सिंघडा के साथ सिख रीति रिवाज के अनुसार हुई थी। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार दोनों की शुरू से ही आपस में अनबन रहती थी। कई बार पंचायत हुई आपस में समझौता हो जाता था लेकिन जब अगस्त 2020 में बलविंद्र कौर ने अपने भाई को फोन किया कि उसे कमरे में बंद करके बाहर का ताला लगा दिया है। जब उसका भाई अपने चाचा को साथ लेकर बहन का पता लेने के लिए उसके पास जा रहा था तो सुखविंद्र सिंह उर्फ सूखा उनको रास्ते में मिला और उसने उन पर हत्या के प्रयास में गोली चला दी। जिससे वे घायल हो गए।
पुलिस व एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। कोर्ट में केस आने पर बाद में मामले में सभी तीनों गवाह गोली मारने की बात से मुकर गए। लेकिन कोर्ट ने पुलिस द्वारा जुटाए साक्ष्य, घायल व्यक्ति के शरीर से मिली गोली और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।