संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं, इसके बावजूद जिले में अभी तक 113 घरों में मच्छर का लारवा मिल चुका है। इनमें से 90 लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है ताकि दोबारा उस घर में मच्छर का लारवा न मिले। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों के खून के नमूने लेकर उनकी भी जांच कर रही है। अभी तक विभाग की टीम ने 29717 घरों, दफ्तरों आदि में जाकर लारवा की जांच की है। इसके लिए 241 टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में एमपीएचएस, एमपीएचडब्ल्यू, एएनएम व आशा वर्कर शामिल हैं।
शहर में पांच टीमें कर रही जांच
शहर के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच टीमें बनाई गई हैं, जो घर-घर जाकर कूलर, टंकी, गमले, घड़े चेक कर रही हैं। वहीं लोगों को मलेरिया से बचाव के संबध में जानकारी दे रही है ताकि मलेरिया को फैलने से रोका जा सके।
ये उपाए जरूरी
छतों पर पड़े खाली बर्तनों, टायर, ट्यूब, डिब्बे, गमले व अन्य पानी के स्रोतों इत्यादि में से पानी निकाल दें या उल्टा करके रखें। खाली पडे़ टायरों में सुराग कर दें। घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। किसी कारण पानी की निकासी न हो तो उसमे थोड़ा मिट्टी का तेल, काला तेल, डीजल इत्यादि डाल दें ताकि मच्छर का लारवा पनपने न पाएं। बुखार होने पर केवल पैरासीटामॉल का प्रयोग करें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर खून की जांच कराएं तथा मलेरिया होने पर 14 दिनों की दवाई खाएं।
स्वास्थ्य विभाग यह माह मलेरियारोधी माह के रूप में मना रहा है। इसके लिए 241 टीमें बनाई गई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के साथ लारवा की जांच कर रही है। अभी तक करीब 90 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है, जिनके घरों में लारवा मिला था। लोगों से अपील है कि वे अपने आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
- डॉ. योगेश शर्मा, सीएमओ करनाल