घरौंडा/करनाल।
जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में एक सरकारी शिक्षिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। शिक्षिका का मोबाइल फोन लगातार बंद पाया गया। कई बार संपर्क करने और निर्देश देने के बावजूद उन्होंने कार्य शुरू नहीं किया। संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य को भी सूचित किया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
नगर पालिका विभाग की ओर से सरकारी स्कूल की पीजीटी प्रवीण कुमारी को जनगणना कार्य के लिए गणनाकार नियुक्त किया गया था। उन्हें एक मई से जनगणना कार्य शुरू करने और आवश्यक सामग्री प्राप्त करने के निर्देश दिए गए थे। शिकायत में आरोप है कि शिक्षिका ने निर्धारित समय पर न तो जनगणना कार्य शुरू किया और न ही अधिकारियों के संपर्क किया। अधिकारियों के अनुसार पुलिस ने जनगणना 1948 की धारा 11(1) का उल्लंघन करने पर मामला कर लिया है।
उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसके आंकड़ों के आधार पर सरकार की नीतियां, योजनाएं एवं विकास की दिशा निर्धारित होती है। ऐसे में इस कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने जनगणना कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पूर्ण निष्ठा और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। चेतावनी दी कि भविष्य में भी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।