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Karnal News: सूखा और गीला कचरा अलग-अलग न किया तो होगा जुर्माना

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- डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, निस्तारण, ताजा एकत्रित ठोस कचरे के प्रबंधन के लिए नगर निगम और पालिका प्रशासन ने की तैयारी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जीपीएस से कूड़ा उठाने वाले वाहनों की अब ट्रैकिंग की जाएगी। इसके साथ ही कूड़ा उठान और निस्तारण में खामी पाए जाने पर एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार बताने के बावजूद गीला और सूखा कूड़ा अलग नहीं किया तो जुर्माना लगाया जाएगा। पुराने कूड़े के निस्तारण के लिए क्लस्टर के क्षेत्रों में दी गई मशीनरी और लीज पर ली गई भूमि का मूल्यांकन आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से कराया जाएगा। वहीं, पुराने कूड़े की मात्रा का अनुमान लगाने के साथ ही केस बनाकर सरकार के पास राय लेने के लिए भेजा जाएगा, जिससे उसका जल्द निस्तारण किया जा सके। इसके साथ ही क्लस्टर की प्रत्येक पालिका की कार्य योजना तलब की गई है। यह व्यवस्था क्लस्टर में शामिल करनाल, कैथल और कुरुक्षेत्र में थानेसर पालिका क्षेत्रों में लागू की जाएगी।
करनाल, थानेसर और कैथल के पालिका क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, परिवहन, निस्तारण, पुराने कूड़े की मात्रा और ताजा एकत्रित ठोस कचरे के प्रबंधन बिंदुओं को लेकर निगम एवं पालिका प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को क्लस्टर प्रमुख और करनाल नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा ने इन बिंदुओं पर अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। सभी को आदेश दिया गया कि अपने पालिका क्षेत्रों में प्रत्येक घर से कूड़ा उठान, परिवहन और उसके निस्तारण पर पूर्ण निगरानी रखी जाए। जीपीएस प्रणाली से वाहनों की ट्रैकिंग के साथ ही अधिकारी मौके पर जाकर पड़ताल करें। कहीं भी एजेंसी की लापरवाही दिखे तो जुर्माना लगाएं।
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गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करने के लिए लोगों को घर-घर जाकर जागरूक किया जाएगा। इसके बावजूद अगर कोई नागरिक बार-बार समझाने पर भी गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं करता है तो उसका चालान किया जाएगा।

नगर पालिकाएं पुराने कूड़े का मूल्यांकन जल्द सुनिश्चित करें

निगमायुक्त ने आदेश दिया कि जिन पालिकाओं ने पुराने कूडे़ का मूल्यांकन नहीं कराया है, जल्द कराकर रिपोर्ट भेजें। उनका केस तैयार कर निस्तारण करने की राय लेने सरकार को भेजा जाएगा। करनाल क्लस्टर में कूड़े-कचरे का एकत्रीकरण, परिवहन और निस्तारण करने वाली एजेंसी सुगम स्वच्छता को दी गई मशीनरी का भी मूल्यांकन कराया जाए। इसके अलावा लीज पर दी गई जमीन का भी मूल्यांकन करें। इसके लिए आईआईटी रुड़की से आए स्वतंत्र विशेषज्ञों की मदद ली जाए। करनाल क्लस्टर में नगर निगम करनाल, नगर परिषद कैथल और थानेसर के अतिरिक्त नगर पालिका इंद्री, नीलोखेड़ी, निसिंग, तरावड़ी, घरौंडा, असंध, शाहबाद, लाडवा, कलायत, राजौंद, चीका, पुंडरी, पिहोवा, ईस्माइलाबाद और सीवन शामिल हैं।
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निगरानी तंत्र करना होगा मजबूत, राेज भेजनी होगी रिपोर्ट
निकाय या पालिका क्षेत्रों से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े-कचरे के एकत्रीकरण, परिवहन एवं निस्तारण की रिपोर्ट रोज भेजनी होगी। एकत्रीकरण से लेकर निस्तारण करने तक की निगरानी मजबूत करनी होगी। अपना निगरानी तंत्र मजबूत करें। पालिका क्षेत्रों में कूड़ा एकत्र करने के सेकेंडरी प्वाइंट की संख्या कम से कम रखनी होगी। इनकी सूची तैयार कर सुगम स्वच्छता एजेंसी को सौंपी जाए। शेखपुरा स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र का क्लस्टर हेड ने निरीक्षण किया। संयंत्र में स्थापित मेटिरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर को देखा। कचरे की प्रोसेसिंग में तेजी लाने के लिए एक अतिरिक्त 100 एमएम ट्रोमल मशीन स्थापित होगी, जाे अगले माह से कार्य प्रारंभ कर देगी। प्लांट में कूड़ा गिराए जाने की जगह को ढका जाएगा। इसके साथ ही काम में तेजी के लिए छह हुक लोडर मंगवाए गए हैं। इसके अलावा 32 बड़े बिन भी मंगाए गए हैं, हर नगर पालिका में दो बिन रखवाए जाएंगे। कुरुक्षेत्र के नगर आयुक्त पंकज सेतिया, कैथल के नगर आयुक्त कुलधीर सिंह, नगर निगम करनाल के उप निगम आयुक्त विनोद नेहरा, नगर परिषद थानेसर के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल, नगर परिषद कैथल के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ मौजूद रहे।
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