इंद्री। केंद्रीय बजट 2026 एक फरवरी को पेश होगा। किसान बड़ी राहत की उम्मीद लगाए हैं। फसल की बढ़ती लागत, जलवायु परिवर्तन और बाजार पहुंच जैसी समस्याओं के समाधान की आस है। फसल योजनाओं, एमएसपी विस्तार और पीएम किसान सम्मान राशि में बढ़ोतरी की मांग है। भारतीय किसान पानी की कमी, मिट्टी अपरदन और कम उत्पादकता जैसी चुनौतियों से भी जूझ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन, ऊंची इनपुट लागत और पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान आय को अस्थिर बनाते हैं, जबकि एमएसपी सीमित फसलों तक ही है। किसानों का कहना है कि इस समय किसान खेती छोड़ रहे हैं। महंगाई किसानों की कमर तोड़ रही है। पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों को केंद्र की ओर से विशेष राहत मिलनी चाहिए।
सम्मान निधि बढ़ाई जाए
- पीएम-किसान सम्मान निधि की वार्षिक राशि 6,000 से बढ़ाकर 8,000-12,000 रुपये की जाए। गेहूं, धान, दालों और तिलहन को गारंटी खरीद के दायरे में लाकर बढ़ाया जाए। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। -रामपाल चहल, किसान नेता
बीमा प्रकिया सरल बने
- फसल बीमा प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। डिजिटल किसान कार्ड और किसानों के लिए सस्ती बिजली व सब्सिडी दी जाए। किसानों के एक बड़े वर्ग को इसका लाभ मिलेगा। वह समृद्ध होगा। - मनजीत, चौगांव
सामान का मूल्य कम हो
- खाद, बीज, दवाओं के दाम आसमान छू रहे हैं। खर्च अधिक और आमदनी कम हो रही है। सरकार को खेती के लिए आवश्यक बीज, दवा को कम मूल्य पर किसानों को उपलब्ध करवाना चाहिए। -चमन लाल, जनेसरों
बिना ब्याज ऋण मिले
- अगर बजट में किसानों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाए तो इससे किसानों को लाभ होगा। किसानों का कर्ज माफ कर बिना ब्याज ऋण उपलब्ध करवाना चाहिए। - सुनील, खेड़ा
स्वामीनाथ रिपोर्ट लागू हो
- राजनीतिक दलों को किसानों के हित की बजाय स्वहित की चिंता रहती है। स्वामीनाथन रिपोर्ट पर अमल किया जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के लागू होने से देशभर के किसानों को लाभ होगा। -राहुल, कलसौरा