समय 2 बजकर 30 मिनट। स्थान महिला थाना का संरक्षण अधिकारी कार्यालय। अधिकारी शिकायतें सुनने बैठीं तभी बत्ती गुल हो गई। करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी बिजली नहीं आई। इस दौरान महिला अधिकारी फरियादियों का दुखड़ा सुनतीं रहीं और पंखा झलती रहीं। गर्मी में अधिकारी से लेकर पुलिस कर्मचारी तक पसीना-पसीना हो गये। पुलिसकर्मियों की मानें तो गर्मी में बिजली कटौती की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि आए दिन घंटों कटौती झेलनी पड़ती है। वहीं कार्यालय में इन्वर्टर कनेक्शन की सुविधा नहीं होने से परेशानी बढ़ जाती है।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को दोपहर अघोषित बिजली कटौती और चिलचिलाती गर्मी से लोग परेशान रहे। मजबूरी में लोगों को हाथ के पंखों का सहारा लेना पड़ा। यही स्थिति महिला थाने में संरक्षण अधिकारी कार्यालय की भी रही। महिला थाना में बतौर महिला संरक्षण अधिकारी कार्यरत रजनी गुप्ता ने बताया कि करनाल का अतिरिक्त चार्ज होने के कारण मैं दो दिन कार्यालय में बैठती हूं। पहले यहां बिजली इतनी देर के लिए नहीं जाती थी, लेकिन अब घंटों तक गुल रहती है। लॉकडाउन के बाद कार्यालय में आने वाले मामलों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में गरमी के कारण काम करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि कार्यालय में इन्वर्टर कनेक्शन के लिए 11 जून को पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा जा चुका है। उम्मीद है कि हमारी इस समस्या का जल्द समाधान होगा।
-अब ज्यादा जाती है बिजली, होती है परेशानी
पहले सभी कार्यालयों में इन्वर्टर की सुविधा थी, लेकिन इन्वर्टर जल्दी खराब हो जाते थे। पहले बिजली ज्यादा देर तक नहीं जाती थी तो काम हो जाता था, लेकिन अब बिजली ज्यादा जाने लगी है। ऐसे में शिकायतकर्ताओं को भी परेशानी होती है और सही से काउंसलिंग नहीं हो पाती।
- सुषमा मान, काउंसलर, परिवार परामर्श केंद्र