करनाल रेलवे स्टेशन पर दोपहर डेढ़ बजे रेलवे ट्रैक पार करते समय सुपरफास्ट वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से 38 वर्षीय हेड कांस्टेबल नीलम की मौत हो गई। जीआरपी ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार ड्यूटी के समय नीलम को बुखार आ रहा था तो वह लाइन पार कर रामनगर से दवा लेने जा रही थी। जिस समय वह लाइन पार कर रही थी तो उसका अचानक फोन आ गया। जब वह फोन उठाने लगी तो उसका ध्यान दूसरी तरफ से आ रही ट्रेन पर नहीं गया। जिससे वह उसकी चपेट में आ गई। मृतक की साथी महिला पुलिसकर्मियों ने बताया कि वह उनके साथ ही करीब 14 साल पहले जीआरपी में भर्ती हुई थी। कई वर्षों से जीआरपी करनाल में ही तैनात थी वहीं इस दौरान नेवल में बच्चों को पढ़ाने के लिए भी जाया करती थी।
परिजनों सहित जीआरपी थाना भी गम में डूबा
38 वर्षीय हेड कांस्टेबल नीलम की मौत के बाद परिजनों सहित करनाल जीआरपी थाना भी गम में डूबा हुआ है। उसकी महिला पुलिसकर्मियों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिसके साथ रोजाना ड्यूटी करती थी अब वो उन्हें सदा के लिए अकेला छोड़कर चली गई है। परिजनों सहित थाने के कर्मचारी एक-दूसरे को ढांढस बांध रहे है क्योंकि भगवान के आगे किसी की नहीं चलती। जिस समय जिसे जाना होता है वह उसी तय समय पर ही आता जाता है।
एकलौते बेटे के सिर से उठा मां का साया
महिला पुलिसकर्मियों ने बताया कि कैथल के पाई गांव की रहने वाली थी और उसकी शादी शेरगढ़ टापू में हुई थी। इस शादी से उसके एक लड़का भी है। जो अभी 12वीं कक्षा में पढ़ता है और उसका आज पेपर भी था। जब वह पेपर देकर आएगा तो उसके सिर से मां का साया उठ चुका होगा। यही बात उसे किस मुंह से परिजन कहेंगे इसी बात को लेकर सब दुखी है। बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले नीलम के भाई व मां की मौत हो चुकी है। उसके पिता भी उसी के पास रहते थे। पति कोर्ट में टाइपिस्ट है।
जांच अधिकारी के अनुसार
हेड कांस्टेबल नीलम की वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
-जसबीर सिंह, थाना प्रभारी, जीआरपी, करनाल।